Head Constable Suspended , कोरबा। जिले में पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला एक मामला सामने आया है। एसपी कार्यालय में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को चरित्र सत्यापन के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
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मिली जानकारी के अनुसार, एक युवक एनटीपीसी में नौकरी के लिए चयनित हुआ था और नियमानुसार उसका चरित्र सत्यापन किया जाना था। इसी सिलसिले में युवक एसपी कार्यालय पहुंचा था। आरोप है कि वहां पदस्थ प्रधान आरक्षक ने चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले उससे रिश्वत की मांग की।
युवक ने इस मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से की। शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले में विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि प्रधान आरक्षक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध रूप से पैसे मांगने का प्रयास किया, जो सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
निलंबन के बाद प्रधान आरक्षक को पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, विभागीय जांच के दौरान यदि आरोप पूरी तरह प्रमाणित होते हैं, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस घटना के बाद एसपी कार्यालय में आने वाले आम नागरिकों में चर्चा का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा अवैध रूप से पैसे की मांग की जाती है, तो इसकी तुरंत शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से करें। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और विभागीय कार्रवाई के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



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