मुंबई: Pati Patni Aur Panga 2: मुंबई के गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी में सोमवार को टीवी शो ‘पति पत्नी और पंगा 2’ के सेट पर आग लगने से हड़कंप मच गया। यह आग प्राइम फोकस स्टूडियो के अंदर बने सेट पर लगी, जिसकी वजह से आसपास के कुछ अन्य सेट भी प्रभावित हुए। घटना के बाद ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने फिल्म और टीवी सेट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
आग की घटना के बाद AICWA ने उठाए सवाल
फिल्म सिटी में लगी आग को लेकर AICWA ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नाराजगी जताई। संगठन ने आरोप लगाया कि सेट पर काम करने वाले हजारों वर्कर्स और कलाकारों की सुरक्षा के साथ समझौता किया जा रहा है।
AICWA का कहना है कि फिल्म सिटी में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं और हर बार सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। संगठन ने इस घटना को कथित तौर पर फायर सेफ्टी में लापरवाही से जोड़ते हुए जांच और एफआईआर की मांग की है।
चैनल, प्रोड्यूसर और प्रोडक्शन हाउस पर कार्रवाई की मांग
AICWA ने ‘पति पत्नी और पंगा 2’ के निर्माताओं और इससे जुड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चैनल, प्रोड्यूसर और प्रोडक्शन हाउस के साथ-साथ फिल्म सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी तय करने और इस्तीफे की मांग भी उठाई है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने कहा कि सेट पर काम करने वाले वर्कर्स और कलाकारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके मुताबिक, आग जैसी घटनाओं में सबसे ज्यादा नुकसान सेट पर काम करने वाले कर्मचारियों को उठाना पड़ता है।
CM देवेंद्र फडणवीस से की जांच की अपील
AICWA ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है।
संगठन ने फिल्म सिटी में शूटिंग करने वाले सभी प्रोडक्शन के लिए नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य करने की मांग की है। इसके अलावा सेट पर पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध कराने और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
सुरक्षा नियम तोड़ने वालों का लाइसेंस रद्द करने की मांग
AICWA ने मांग की है कि जो भी प्रोडक्शन हाउस निर्धारित अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। संगठन ने ऐसे प्रोडक्शन्स के शूटिंग लाइसेंस रद्द करने की मांग भी की है।
फिलहाल इस घटना को लेकर जांच और आधिकारिक कार्रवाई का इंतजार है। यह भी देखना होगा कि महाराष्ट्र सरकार और संबंधित प्रशासन AICWA की मांगों पर क्या कदम उठाता है।

