बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद में कलेक्टर कार्यलय के सामने वन विभाग ने संजीवनी विक्रय केंद्र का स्टॉल लगाया। इस स्टॉल पर लगभग 1 साल पुरानी एक्सपायरी खाद्य सामग्री पाई गई। विक्रेता ने सफाई देते हुए कहा कि ये पैकेट्स केवल दिखाने के लिए रखे गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय उप संचालक ने जांच की बात कही है।
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जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर कार्यालय से सटे जनदर्शन स्थल के सामने लगे वन विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल संजीवनी विक्रय केंद्र में काजू, रागी, आंवला लच्छ और अन्य खाद्य सामग्री स्टॉल में बेचे जा रहे। यहां पैकेट्स एक्पायर हो चुके थे, कुछ 1 साल ही एक्सपायर हो गए जबकि कुछ पैकेट्स उससे भी ज्यादा समय से एक्सपायर थे। लेकिन वन विभाग बिना किसी डर के लोगों को यह बेच रहे थे। बड़ी संख्या में आम नागरिकों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी इस स्टॉल से गुजरे, लेकिन किसी ने भी इन एक्सपायरी उत्पादों पर ध्यान नहीं दिया।
विक्रय केंद्र पर मौजूद कर्मचारी वीरेंद्र कुमार यादव ने गलती स्वीकार करते हुए कहा कि एक्सपायरी काजू के पैकेट केवल दिखाने के लिए लाए गए थे और मांग पर नई सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, गलती हो गई है। जब इस मामले में वन विभाग की एसडीओ डिम्पी बैस से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग के उप संचालक एम.के. सूर्यवंशी ने कहा कि इस घटना की जानकारी उन्हें के माध्यम से मिली है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मामले में अधिकारी ने तो जांच कर कार्यवाही का भरोसा तो दिला दिया है। लेकिन अब देखना होगा कि इस पूरे मामले क्या कार्यवाही की जाती है।

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