रायपुर, 12 जून 2025: छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग द्वारा लागू की गई ऑनलाइन आधार-आधारित उपस्थिति प्रणाली (आधार-अटेंडेंस) पर अब व्यापक विरोध शुरू हो गया है। स्वास्थ्य एवं बहुउद्देशीय कर्मचारी संघ की मांग पर संज्ञान लेते हुए, छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने इस प्रणाली को ‘अव्यवहारिक’ बताते हुए तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को एक पत्र लिखा है, जिसमें इस नए आदेश से कर्मचारियों को हो रही परेशानियों का विस्तृत उल्लेख किया गया है।


फेडरेशन ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि राज्य के कई दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा बेहद खराब है, जिससे ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करना असंभव हो जाता है। साथ ही, बड़ी संख्या में कर्मचारियों के आधार विवरण अभी तक अपडेट नहीं हुए हैं, जिसके कारण वे अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहे। सबसे गंभीर बात यह है कि कर्मचारियों को अपनी जेब से मोबाइल फोन या आधार प्रमाणीकरण उपकरण खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है और उन पर अनावश्यक वित्तीय बोझ डाल रहा है।
स्वास्थ्य एवं बहुउद्देशीय कर्मचारी संघ के प्रांत अध्यक्ष पंकज पांडेय ने बताया कि कई स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों को दिन में दो बार उपस्थिति दर्ज करनी पड़ रही है, जो व्यवहारिक नहीं है और मानसिक दबाव का कारण बन रहा है। फेडरेशन ने आधार डेटा के संभावित दुरुपयोग पर भी चिंता व्यक्त की है और कहा है कि इसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी। उनकी मांग है कि जब अन्य विभागों में यह प्रणाली लागू नहीं है, तो स्वास्थ्य विभाग में इसे थोपना अनुचित है। फेडरेशन ने सरकार से इस आदेश को तत्काल वापस लेने की अपील की है ताकि कर्मचारियों को हो रही अनावश्यक परेशानी को दूर किया जा सके।

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