दुर्ग पुलिस का ‘POLICE’ मंत्र – साइबर अपराध से बचने का अचूक उपाय
दुर्ग: साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और नागरिकों को डिजिटल खतरों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से, दुर्ग पुलिस ने एक अनोखा और यादगार जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने ‘POLICE’ शब्द को साइबर सुरक्षा के छह महत्वपूर्ण नियमों को याद रखने के लिए एक मंत्र के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसे एक लघु फिल्म के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
जागरूकता वीडियो में, एक पंडित (बाबा) भविष्य बताते हुए लोगों को उनके भविष्य में ‘दुख और पीड़ा’ की चेतावनी देते हैं, जिसका समाधान वह ‘पुलिस-पुलिस’ जपने में बताते हैं। यह ‘पुलिस’ मंत्र दरअसल साइबर सुरक्षा के लिए अपनाए जाने वाले छह बुनियादी नियमों का संक्षिप्त रूप है:
P (पासवर्ड): अपना पिन और पासवर्ड कभी किसी से शेयर न करें।
O (ओटीपी): ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) भी कभी किसी को न बताएं।
L (लिंक): अनजान लिंक पर कभी क्लिक न करें।
I (आइडेंटिफिकेशन): अपना आइडेंटिफिकेशन (पहचान) कभी किसी से साझा न करें।
C (चैटिंग): अनजान लोगों से चैटिंग बिल्कुल न करें।
E (इमरजेंसी): इमरजेंसी नंबर 1930 हमेशा याद रखें, जो साइबर फ्रॉड में आपकी मदद करेगा।
दुर्ग पुलिस द्वारा जारी यह संदेश लोगों को सरल और मनोरंजक तरीके से साइबर फ्रॉड की जटिलताओं और उनसे बचने के उपायों को समझाता है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिक ऑनलाइन लेन-देन करते समय और सोशल मीडिया का उपयोग करते समय हमेशा “सजग रहें, सुरक्षित रहें”। यह ‘साइबर पुलिस मंत्र’ साइबर खतरों से बचाव के लिए एक व्यावहारिक गाइडलाइन के रूप में काम करेगा।

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