घने जंगलों और नदी-नालों के बीच सरकारी चौपाल
करीगुण्डम जाने का रास्ता आज भी पक्की सड़कों से महरूम है। कलेक्टर और एसपी ने खुद बाइक चलाकर कई उफनते नालों और घने जंगली रास्तों को पार किया। गांवों में पहुंचने के बाद अधिकारियों ने इमली के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई। ग्रामीणों ने राशन, बिजली, पेयजल और शिक्षा से जुड़ी अपनी परेशानियां साझा कीं। कलेक्टर ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की योजनाओं का लाभ हर पात्र ग्रामीण को मिले।
ग्रामीणों ने पहली बार देखा प्रशासनिक अमला
निमलगुड़ा के ग्रामीणों के लिए यह दृश्य नया था। इससे पहले गांव में बड़े अधिकारियों का आना दुर्लभ था। एसपी किरण चव्हाण ने ग्रामीणों के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की और उन्हें मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं कलेक्टर ने स्कूलों और आंगनबाड़ियों का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और शिक्षकों की उपस्थिति की जांच की।
“सड़कें नहीं होने के कारण हमें बाइक का सहारा लेना पड़ा। हमारा उद्देश्य अंतिम छोर के व्यक्ति तक प्रशासन को पहुँचाना है। करीगुण्डम और निमलगुड़ा के विकास के लिए सड़क और पानी की परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।”
— अमित कुमार, जिला कलेक्टर, सुकमा
कलेक्टर के इस दौरे के बाद अब करीगुण्डम में सड़क निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। प्रशासन ने तत्काल राहत के रूप में स्वास्थ्य शिविर लगाने और आधार कार्ड अपडेट करने के लिए शिविर आयोजित करने का फैसला किया है। सुरक्षा के लिहाज से एसपी ने क्षेत्र में पुलिस कैंपों की सतर्कता बढ़ाने और ग्रामीणों के साथ ‘कम्युनिटी पुलिसिंग’ को और मजबूत करने का आश्वासन दिया है। अब इन गांवों तक मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने की योजना पर भी काम शुरू होगा।

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