अधिकारियों को ‘सटीकता और संवेदनशीलता’ की हिदायत
राजधानी रायपुर में आयोजित इस सम्मेलन में प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर ही आने वाले दशक के लिए कल्याणकारी नीतियां और विकास का खाका तैयार होता है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे जमीनी स्तर पर डेटा एकत्र करते समय अधिकतम सटीकता और संवेदनशीलता सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को डिजिटल मोड में डेटा एंट्री और नई तकनीक के इस्तेमाल के बारे में विस्तार से बताया गया।
“जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती नहीं है। यह वह डेटा है जो तय करता है कि किस क्षेत्र में सड़क, स्कूल या अस्पताल की सबसे ज्यादा जरूरत है। मैं सभी कलेक्टरों से आह्वान करता हूं कि वे इसे अपना प्राथमिक राष्ट्रीय कर्तव्य मानकर कार्य करें।”



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