- धोखाधड़ी का मॉडल: CG बोर्ड की मान्यता लेकर स्कूल खुद को ‘CBSE पैटर्न’ बताकर अवैध फीस वसूल रहे हैं।
- आर्थिक चोट: ड्रेस, किताबों और ट्यूशन फीस के नाम पर अभिभावकों से सैकड़ों करोड़ रुपये की लूट।
- बड़ा नुकसान: पढ़ाई NCERT किताबों से कराई गई, लेकिन अब छात्रों को CG बोर्ड की कठिन केंद्रीकृत परीक्षा देनी पड़ रही है।
Chhattisgarh School Education Scam , रायपुर — छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने निजी स्कूलों के सिंडिकेट को बेनकाब कर दिया है। राज्य के हजारों स्कूल बिना किसी आधिकारिक CBSE संबद्धता (Affiliation) के ‘CBSE पैटर्न’ का झांसा देकर धड़ल्ले से चल रहे हैं। ये स्कूल अभिभावकों की जेब तो काट ही रहे हैं, साथ ही लाखों बच्चों को उस मोड़ पर खड़ा कर दिया है जहां उनका सिलेबस और परीक्षा पैटर्न आपस में मेल ही नहीं खा रहे।
कैसे चल रहा है यह ‘सैकड़ों करोड़’ का सिंडिकेट?
जांच में पता चला है कि इन स्कूलों ने कागजों पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल (CGBSE) की मान्यता ले रखी है। लेकिन मार्केटिंग के लिए ये स्कूल बड़े-बड़े अक्षरों में ‘CBSE Curriculum’ लिखते हैं। अभिभावक भारी-भरकम फीस चुकाकर बच्चों का दाखिला कराते हैं, यह सोचकर कि उनके बच्चे नेशनल लेवल की पढ़ाई कर रहे हैं।
- महंगी किताबें: CG बोर्ड की सस्ती किताबों के बजाय जबरन निजी प्रकाशकों की महंगी NCERT आधारित पुस्तकें थमाई गईं।
- ड्रेस कोड का खेल: CBSE ब्रांडिंग के नाम पर सामान्य से तीन गुना अधिक कीमत पर ड्रेस बेची गई।
- परीक्षा का झटका: साल भर CBSE पैटर्न पढ़ने वाले बच्चों को अब CG बोर्ड की केंद्रीकृत परीक्षा (Centralized Exam) में बैठना पड़ रहा है, जिसका सिलेबस पूरी तरह अलग है।
“निजी स्कूलों ने शिक्षा को व्यापार बना दिया है। बिना संबद्धता के CBSE का नाम लेना सीधे तौर पर धोखाधड़ी है। हम डेटा इकट्ठा कर रहे हैं और जल्द ही इन फर्जी संस्थानों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
— जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), रायपुर

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