Chhattisgarh Public Service Commission : रायगढ़, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा 2025 का परिणाम आने के बाद रायगढ़ जिले का नाम एक बार फिर रोशन हुआ है। लैलूंगा क्षेत्र के मुकडेगा तहसील के होर्रोगुड़ा गांव के रहने वाले रोहित यादव ने पहले ही प्रयास में 54वां रैंक हासिल कर अफसर बनने का सपना पूरा कर लिया।रोहित एक किसान परिवार से आते हैं, इसलिए उनकी सफलता ने न केवल उनके घर में खुशी का माहौल बनाया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में गर्व की लहर दौड़ा दी है।
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किसान परिवार से आने वाले रोहित की बड़ी उपलब्धि
रोहित यादव के पिता नेगी राम यादव मध्यम वर्गीय किसान हैं। तीन बहनों में सबसे छोटे रोहित ने संसाधनों की कमी के बावजूद मेहनत और समर्पण के बल पर CGPSC में सफलता हासिल की।परिवार का कहना है कि रोहित बचपन से ही पढ़ाई में बेहद गंभीर और अनुशासित रहे हैं।
रोहित की शिक्षा यात्रा: तमता से दिल्ली यूनिवर्सिटी तक
रोहित की पढ़ाई बेहद साधारण माहौल में शुरू हुई, लेकिन आगे चलकर उन्होंने खुद को बेहतर अवसरों के लिए तैयार किया।
प्रारंभिक शिक्षा
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कक्षा 1 से 8वीं तक पढ़ाई मामा के घर तमता में की
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उनके मामा दुर्योधन यादव, जो सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं, ने पढ़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
माध्यमिक शिक्षा
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9वीं से 12वीं तक पढ़ाई अंबिकापुर में
उच्च शिक्षा
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इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन
ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने CGPSC की तैयारी के लिए बिलासपुर का रुख किया, जहां दो साल तक लगातार मेहनत करते हुए उन्होंने खुद को परीक्षा के लिए तैयार किया।
पहले ही प्रयास में मेन्स और इंटरव्यू क्लियर
रोहित बताते हैं कि उन्होंने बिलासपुर में दो वर्ष तक सिविल सर्विसेज की तैयारी की। कड़ी मेहनत और सही रणनीति की बदौलत:
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प्रिलिम्स
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मेन्स
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इंटरव्यू
— तीनों चरण उन्होंने पहले ही प्रयास में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया।
54वीं रैंक मिलते ही रोहित के घर में जश्न का माहौल बन गया। पूरे गांव और लैलूंगा क्षेत्र में लोग उन्हें बधाई देने उमड़ पड़े।
परिवार और गांव में खुशी की लहर
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग का रिजल्ट आते ही जब रोहित को अपनी सफलता का पता चला, तो सबसे पहले उन्होंने यह खुशखबरी अपने पिता और मां को दी।घर में मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने रोहित को “गांव का सितारा” कहा।
रोहित की सफलता—युवा वर्ग के लिए प्रेरणा
किसान परिवार से आने वाले रोहित ने साबित किया है कि:
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सही मेहनत
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सही दिशा
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और सही मार्गदर्शन
हो तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।उनकी कहानी छत्तीसगढ़ के उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है जो संसाधनों की कमी के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।



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