बालोद छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुरूर विकासखंड के जेवरतला गांव में शनिवार को धर्मांतरण से जुड़ा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। गांव में ईसाई धर्म अपनाने वाले एक व्यक्ति के शव को दफनाने को लेकर ग्रामीणों और मृतक के परिजनों के बीच जमकर विवाद हुआ।
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धर्मांतरित व्यक्ति के अंतिम संस्कार पर विरोध
जानकारी के अनुसार, 50 वर्षीय रमनलाल साहू, जो पिछले कुछ वर्षों से ईसाई धर्म का पालन कर रहे थे, का निधन हो गया था। परिजन उनका अंतिम संस्कार गांव में ही करना चाहते थे, लेकिन जैसे ही वे शव लेकर पहुंचे, ग्रामीणों ने इसका जोरदार विरोध किया।
ग्रामीणों का तर्क
ग्रामीणों ने कहा कि “गांव की भूमि पर धर्मांतरित व्यक्ति का अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मांतरण से गांव की पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसके चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस और प्रशासन ने की मध्यस्थता
विवाद की सूचना मिलते ही सनौद थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच समझाइश का दौर चला। अंततः प्रशासन की मध्यस्थता से निर्णय लिया गया कि शव का अंतिम संस्कार दूसरे जिले में किया जाएगा।
स्थिति अब नियंत्रण में
पुलिस के मुताबिक, फिलहाल गांव में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।



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