जांच में खुला खेल, कागज और गोदाम में फर्क
जांच टीम जब केंद्रों पर पहुंची, तो तस्वीर साफ होती गई। रिकॉर्ड कुछ और कह रहे थे, गोदाम कुछ और। धान का हिसाब मेल नहीं खाया। कहीं स्टॉक कम, कहीं एंट्री ज्यादा। और यहीं से शुरू हुआ पूरा खुलासा। तीनों केंद्रों में मिलाकर ₹1.29 करोड़ की अनियमितता दर्ज की गई। अधिकारियों ने रिपोर्ट तैयार की। फिर आया सख्त फैसला—10 कर्मचारियों पर FIR दर्ज करने का आदेश।
प्रशासन का एक्शन, अंदर तक हिल गया सिस्टम
संबंधित शाखा प्रबंधकों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। देरी नहीं। सीधे FIR। यह संकेत साफ है—अब फाइल दबेगी नहीं, केस चलेगा। एक अधिकारी ने बताया, “जांच में जो मिला, वह गंभीर है। जिम्मेदारी तय होगी। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।” माहौल गर्म है। दफ्तरों में सन्नाटा भी है और बेचैनी भी। जिस पर संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने संबंधित ब्रांच मैनेंजरों को आदेश जारी किया है।

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