Categories

January 9, 2026

वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

Chhattisgarh Crime News

Chhattisgarh Crime News

Chhattisgarh Crime News : पति की मौत के बाद महिला को ‘टोनही’ बताकर प्रताड़ित, कोर्ट के आदेश पर FIR

Chhattisgarh Crime News : दुर्ग। पति की मृत्यु के बाद एक महिला को टोनही बताकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने, दहेज की मांग करने और घर से जबरन निकालने का गंभीर मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर महिला थाना सेक्टर-06 भिलाई में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है।

CG Crime News : बाल काटने से मना करना पड़ा भारी, सैलून संचालक पर हमला

मामले में पीड़िता पूनम वर्मा, पति स्वर्गीय अश्वनी वर्मा, निवासी ग्राम दनिया थाना बोरी तहसील धमधा जिला दुर्ग ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। पीड़िता का विवाह 12 मई 2014 को अश्वनी वर्मा से हुआ था। वैवाहिक जीवन से उनकी 8 वर्षीय पुत्री काव्या है। पति की 15 अक्टूबर 2018 को मृत्यु हो गई, जिसके बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया।

पीड़िता के अनुसार, सास शिवकुमारी वर्मा, ससुर विजय वर्मा और देवर सुरेश वर्मा उसे लगातार टोनही कहकर ताने देते थे और जादू-टोना कर पति की जान लेने जैसे गंभीर आरोप लगाते थे। साथ ही उसके चरित्र पर लांछन लगाते हुए अवैध संबंध का आरोप भी लगाया गया।

आरोप है कि ससुराल पक्ष ने पीड़िता से मायके से 5 लाख रुपये लाने की मांग की। इसके अलावा पति के नाम ग्राम बोड़ में स्थित दो एकड़ कृषि भूमि को देवर के नाम करने का दबाव बनाया गया। इंकार करने पर उसे धमकाया गया, मोबाइल फोन छीन लिया गया और देवर द्वारा जान से मारने व बदनाम करने की धमकी दी गई।

पीड़िता ने बताया कि 17 जून 2023 को आरोपियों ने उसे जबरन कार में बैठाकर मायके ग्राम दनिया छोड़ दिया, जबकि उसकी बेटी को अपने पास रख लिया। उसे केवल पहने हुए कपड़ों में ही मायके भेजा गया। उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, गहने और करीब 1.50 लाख रुपये नकद सहित अन्य सामान ससुराल में ही रख लिया गया।

बाद में जब वह परिजनों के साथ बेटी को लेने ससुराल पहुंची तो आरोपियों ने घर में घुसने नहीं दिया और बच्ची सौंपने से इनकार कर दिया। मजबूर होकर पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली, जहां 20 अक्टूबर 2023 को न्यायालय के आदेश पर उसे उसकी बेटी वापस दिलाई गई।

पीड़िता ने बताया कि उसने करीब दो साल पहले महिला थाना में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने धारा 156(3) दंप्रसं के तहत न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया। न्यायालय के आदेश के परिपालन में अब महिला थाना भिलाई द्वारा आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।

About The Author