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March 12, 2026

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Chaitra Navratri 2026

Chaitra Navratri 2026

Chaitra Navratri 2026 : क्या खरमास बिगाड़ेगा चैत्र नवरात्र का फल , 2026 के इस दुर्लभ संयोग पर बड़ा खुलासा

खरमास और नवरात्रि: क्या कहता है ज्योतिष शास्त्र?

ज्योतिष गणना के अनुसार, जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस समय को खरमास कहा जाता है। इस दौरान सूर्य की गति धीमी मानी जाती है, जिससे गुरु का प्रभाव कम हो जाता है। यही कारण है कि इस अवधि में शादी, मुंडन, गृह प्रवेश और जनेऊ जैसे संस्कार पूरी तरह वर्जित होते हैं। हालांकि, विद्वानों का कहना है कि नवरात्र का व्रत और शक्ति की साधना एक ‘नित्य कर्म’ और आध्यात्मिक शुद्धि की प्रक्रिया है, जिस पर खरमास का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।

भूलकर भी न करें ये गलतियां

भले ही व्रत फलदायी हो, लेकिन खरमास के साए में कुछ सावधानियां बरतना अनिवार्य है। तामसिक भोजन का त्याग करें और घर में कलह से बचें। विशेष रूप से ध्यान रखें कि इस दौरान नवरात्रि से जुड़ी कोई नई संपत्ति या वाहन की खरीदारी से बचें, क्योंकि खरमास में भौतिक सुख-सुविधाओं की शुरुआत शुभ नहीं मानी जाती। घटस्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त का ही चुनाव करें ताकि किसी भी प्रकार के दोष का निवारण हो सके।

“खरमास में मांगलिक कार्य जैसे विवाह वर्जित हैं, लेकिन ईश्वर की भक्ति और उपवास पर कोई पाबंदी नहीं है। मां दुर्गा की पूजा समय और काल से परे है। श्रद्धालु बिना किसी डर के कलश स्थापना कर सकते हैं और नौ दिनों का व्रत रख सकते हैं। यह साधना आत्मिक बल प्रदान करेगी।”
— पंडित रमेश शास्त्री, ज्योतिषाचार्य

खरमास के कारण शहर के सर्राफा और ऑटोमोबाइल बाजारों में वैसी रौनक नहीं दिख रही है जैसी आमतौर पर नवरात्रि से पहले दिखती है। रायपुर के बंजारी माता मंदिर और महामाया मंदिर के आसपास पूजा सामग्री की दुकानें तो सज गई हैं, लेकिन बड़े निवेश वाले ग्राहकों की कमी है। प्रशासन ने चैत्र नवरात्र को देखते हुए मंदिरों में भारी भीड़ के प्रबंधन की तैयारी शुरू कर दी है। भक्तों को सलाह दी गई है कि वे केवल धार्मिक अनुष्ठानों पर ध्यान दें और बड़े मांगलिक आयोजनों को खरमास खत्म होने (14 अप्रैल) तक टाल दें।

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