रायपुर: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शनिवार को आयोजित हिंदी विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। इस घटना ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा की गोपनीयता पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
व्हाट्सएप पर फैला ‘लीक’ पेपर
जानकारी के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही हिंदी के प्रश्नपत्र के कुछ हिस्से और महत्वपूर्ण सवाल व्हाट्सएप ग्रुपों और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने लगे थे। परीक्षा के बाद जब छात्रों ने वायरल सामग्री का मिलान किया, तो कई सवाल हूबहू पाए गए।
प्रशासनिक कार्रवाई: FIR और साइबर जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने इसे गंभीरता से लिया है:
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एफआईआर दर्ज: विभाग ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पुलिस और साइबर सेल में मामला दर्ज कराया है।
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जांच कमेटी: शिक्षा मंडल ने आंतरिक स्तर पर भी जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यदि पेपर लीक हुआ है, तो उसका स्रोत क्या है।
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अधिकारियों का पक्ष: हालांकि, कुछ अधिकारियों का कहना है कि यह केवल अफवाह फैलाने की कोशिश हो सकती है, लेकिन जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
सियासी घमासान: पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार को घेरा
इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ की राजनीति भी गरमा गई है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा:
“प्रदेश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अगर बोर्ड परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, तो यह सरकार की प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है। सरकार को तुरंत स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।”

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