CG VIP Visit : रायपुर। छत्तीसगढ़ में आने वाले 15 दिन राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिहाज से बेहद खास रहने वाले हैं। प्रदेश में देश की कई प्रमुख हस्तियों के दौरे प्रस्तावित हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत चार प्रमुख हस्तियों के छत्तीसगढ़ पहुंचने को लेकर तैयारियां तेज होने की संभावना है। इन दौरों के दौरान धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों, संगठनात्मक गतिविधियों और राज्य सरकार के कार्यक्रमों पर विशेष नजर रहेगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बस्तर दौरा चर्चा में
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का छत्तीसगढ़ दौरा प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति के 22 और 23 अक्टूबर को बस्तर पहुंचने की संभावना है। इस दौरान बस्तर दशहरा से जुड़े कार्यक्रमों और स्थानीय परंपराओं को करीब से देखने का अवसर मिल सकता है।
बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट आदिवासी परंपराओं और लंबे समय तक चलने वाले धार्मिक आयोजनों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। राष्ट्रपति के संभावित दौरे को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा सकती है। हालांकि, कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा आधिकारिक पुष्टि के अनुसार ही स्पष्ट होगी।
मोहन भागवत के दौरे पर भी नजर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का छत्तीसगढ़ दौरा भी राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। उनके प्रवास के दौरान संगठन से जुड़े कार्यक्रमों, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और विभिन्न विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
भागवत के दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा है। उनके कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी और तारीखों को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।
अमित शाह के दौरे से राज्योत्सव पर रहेंगी निगाहें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में नवंबर की शुरुआत में आयोजित होने वाले राज्योत्सव के कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां चल रही हैं। प्रस्तावित कार्यक्रमों में अमित शाह की भागीदारी को लेकर चर्चा है।
छत्तीसगढ़ सरकार राज्योत्सव के माध्यम से राज्य की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और सांस्कृतिक पहचान को सामने रखने की तैयारी कर रही है। अमित शाह के संभावित प्रवास के दौरान राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और नक्सलवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई जैसे विषय भी चर्चा में रह सकते हैं।

