CG News : रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए सुकमा जिला प्रशासन ने छात्रावासों और आश्रमों की व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रारंभ होने से पहले कलेक्टर के नेतृत्व में विभिन्न छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर गंभीर लापरवाही और अव्यवस्थाएं सामने आने पर प्रशासन ने तत्काल सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित छात्रावास के अधीक्षक और भृत्य को निलंबित कर दिया।
औचक निरीक्षण में मिली कई खामियां
जिला प्रशासन की टीम ने छात्रावासों में साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था, पेयजल, सुरक्षा, छात्र-छात्राओं के रहने की सुविधा तथा अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर आवश्यक व्यवस्थाओं में कमी, साफ-सफाई में लापरवाही और प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी पाई गई।
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। छात्रावासों में सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।
लापरवाही पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई
निरीक्षण में सामने आई गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित छात्रावास के अधीक्षक और भृत्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी संस्थानों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। विद्यार्थियों के हितों से जुड़े मामलों में जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि अन्य छात्रावासों में भी इसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर
जिला प्रशासन का कहना है कि नए शैक्षणिक सत्र से पहले सभी छात्रावासों और आश्रमों को पूरी तरह व्यवस्थित करना प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी लागू की जाएगी ताकि व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी होती रहे।
प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जवाबदेह प्रशासन को प्राथमिकता दे रही है। इसी दिशा में जिला प्रशासन लगातार मैदानी स्तर पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का मूल्यांकन कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रावासों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता मिलने पर भविष्य में भी तत्काल कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना और सरकारी संस्थानों में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

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