रायपुर | 8 अप्रैल, 2026 छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के शासकीय सेवकों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को बेहतर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि अब आईएएस (IAS), राज्य सेवा के अधिकारियों और समस्त कर्मचारियों को 10 दिवसीय आवासीय विपश्यना ध्यान शिविर में भाग लेने के लिए ‘विशेष आकस्मिक अवकाश’ प्रदान किया जाएगा।

शिविर और अवकाश के प्रमुख नियम
राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी -निर्देशों के अनुसार, इस विशेष अवकाश के लिए निम्नलिखित शर्तें तय की गई हैं:
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अवकाश की अवधि: यात्रा समय सहित अधिकतम 12 दिन की छुट्टी मिलेगी।
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पात्रता: अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के साथ-साथ राज्य सेवा के सभी संवर्ग के कर्मचारी इसका लाभ उठा सकेंगे।
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अवधि सीमा: एक कर्मचारी अपने पूरे सेवाकाल (Service Period) में अधिकतम 6 बार इस अवकाश का लाभ ले सकता है।
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वेतन और ड्यूटी: शिविर में बिताए गए समय को ‘ऑन ड्यूटी’ माना जाएगा और इस दौरान पूरा वेतन दिया जाएगा।
आवेदन के लिए अनिवार्य शर्तें
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कर्मचारियों को कुछ प्रक्रियाओं का पालन करना होगा:
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एडमिशन लेटर: आवेदन के साथ मान्यता प्राप्त विपश्यना केंद्र का प्रवेश पत्र संलग्न करना अनिवार्य है।
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सर्टिफिकेट: शिविर संपन्न होने के बाद केंद्र द्वारा जारी ‘पूर्णता प्रमाण पत्र’ (Completion Certificate) कार्यालय में जमा करना होगा।
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समायोजन: यदि कोई कर्मचारी प्रमाण पत्र जमा नहीं करता है, तो उसकी इस छुट्टी को अर्जित अवकाश (Earned Leave) में बदल दिया जाएगा।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
सरकार का मानना है कि प्रशासनिक कार्यों के बढ़ते दबाव और भागदौड़ भरी जीवनशैली के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों में मानसिक तनाव (Mental Stress) बढ़ रहा है। विपश्यना जैसी प्राचीन ध्यान पद्धति से न केवल तनाव कम होगा, बल्कि कर्मचारियों में नैतिक मूल्यों का विकास होगा और उनकी निर्णय लेने की क्षमता में सुधार आएगा।

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