CG Breaking News , नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सीनियर कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर फिलहाल सस्पेंस बरकरार रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस घोटाले से संबंधित 40 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई 28 जनवरी तक के लिए टाल दी है। इन याचिकाओं में कई आरोपियों की जमानत अर्जियां भी शामिल हैं।
मंगलवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने इन सभी मामलों की एक साथ सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि इतने बड़े और जटिल मामलों में सभी पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनी जानी चाहिए, इसलिए अगली तारीख तय की गई है।
इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका पर भी 28 जनवरी को सुनवाई करने का फैसला किया है, जिसमें एजेंसी ने चैतन्य बघेल को निचली अदालत से मिली जमानत को चुनौती दी है। ED का कहना है कि चैतन्य बघेल की भूमिका शराब घोटाले में संदिग्ध है और जांच अभी पूरी नहीं हुई है, ऐसे में जमानत रद्द की जानी चाहिए।
कोर्ट ने इस मामले में जांच एजेंसी और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किया है। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में चैतन्य बघेल की कानूनी स्थिति को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर कोई तत्काल फैसला नहीं हुआ है।
सौम्या चौरसिया मामले में भी नोटिस जारी
सुप्रीम कोर्ट की इसी बेंच ने सौम्या चौरसिया की एक अलग याचिका पर भी राज्य सरकार और इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों को नोटिस जारी किए हैं। सौम्या चौरसिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी और ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) रह चुकी हैं।

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