रायपुर/नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है। जांच एजेंसी ने मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर और उसके सिंडिकेट के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए देश-विदेश में फैली 1700 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क (Attach) कर लिया है। सट्टेबाजी के इस काले साम्राज्य पर यह अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक चोट मानी जा रही है।
दुबई से दिल्ली तक ED का शिकंजा
जांच एजेंसी ने उन संपत्तियों को निशाना बनाया है जो सट्टेबाजी से हुई अवैध कमाई के जरिए खरीदी गई थीं। कुर्क की गई संपत्तियों में शामिल हैं:
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दुबई की लग्जरी प्रॉपर्टी: सौरभ चंद्राकर द्वारा दुबई में निवेश किए गए आलीशान विला और अपार्टमेंट्स।
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देश के महानगरों में निवेश: दिल्ली, मुंबई और रायपुर जैसे शहरों में स्थित व्यावसायिक इमारतें और रिहायशी संपत्तियां।
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बैंक खाते और निवेश: सिंडिकेट से जुड़े दर्जनों बैंक खातों में जमा राशि और शेयर बाजार में किया गया निवेश।
कैसे हुआ सट्टेबाजी का यह खेल?
ED की जांच के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक ऐप के जरिए हजारों करोड़ रुपये का टर्नओवर किया गया। सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी ने छत्तीसगढ़ के भिलाई से शुरू हुए इस सट्टेबाजी के कारोबार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाया। हवाला के जरिए पैसों को विदेश भेजा गया और फिर उसे रियल एस्टेट व अन्य व्यवसायों में निवेश कर सफेद करने की कोशिश की गई।

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