Categories

April 2, 2026

वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

IPL 2026

IPL 2026

IPL 2026: सीजन 19 से पहले कप्तानों की बड़ी बैठक, इम्पैक्ट प्लेयर और स्लाइवा रूल पर होगी आर-पार की चर्चा

IPL 2026— इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन का बिगुल बजने से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बुधवार को सभी 10 टीमों के कप्तानों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट नियम और आचार संहिता (Code of Conduct) जैसे उन मुद्दों पर चर्चा होगी, जो पिछले कुछ समय से विवादों और चर्चाओं का केंद्र रहे हैं।

IPL 2026: सीजन 19 से पहले कप्तानों की बड़ी बैठक, इम्पैक्ट प्लेयर और स्लाइवा रूल पर होगी आर-पार की चर्चा

IPL 2026
IPL 2026

नियमों की पाठशाला: नए कप्तानों और कोचों को दी जाएगी ब्रीफिंग

बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस साल खेल के नियमों में कोई क्रांतिकारी बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, लीग में कई टीमों के साथ नए कप्तान और कोचिंग स्टाफ जुड़े हैं, जिन्हें आईपीएल के विशिष्ट नियमों से रूबरू कराना अनिवार्य है। इस बैठक का नेतृत्व भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ (मैच रेफरी) और अंपायर पैनल के प्रमुख नितिन मेनन करेंगे।

चर्चा के एजेंडे में शामिल मुख्य तकनीकी बिंदु:

  • प्रति ओवर दो बाउंसर: गेंदबाजों को मिलने वाली इस छूट के प्रभाव का आकलन।
  • बल्ले के आकार की जांच: यह सुनिश्चित करना कि कोई भी खिलाड़ी तय मानकों से बाहर के बल्ले का उपयोग न करे।
  • रिटायर्ड आउट: रणनीतिक रूप से खिलाड़ी को वापस बुलाने के नियमों पर स्पष्टता।
  • गेंद बदलना: यदि गेंद खो जाए या खेलने लायक न रहे, तो उसे बदलने की प्रक्रिया।

स्लाइवा और ओस: 2025 के फैसलों पर बनी रहेगी नजर

पिछले साल यानी 2025 की बैठक ऐतिहासिक रही थी। तब सभी 10 कप्तानों की सहमति के बाद गेंद को चमकाने के लिए लार (Saliva) के इस्तेमाल पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह प्रतिबंध सितंबर 2022 से लागू है, लेकिन आईपीएल ने इसे पिछले सीजन से ही खत्म कर दिया था।

इसके अलावा, शाम के मैचों में ओस (Dew Factor) की भूमिका को देखते हुए बीसीसीआई ने एक अहम प्रावधान जारी रखा है। दूसरी पारी में गेंदबाजी करने वाली टीम को 10वें ओवर के बाद एक बार गेंद बदलने का विकल्प दिया जाता है। यह नियम टॉस जीतने वाली टीम के अनुचित लाभ को कम करने के लिए लाया गया था।

मैदान पर अनुशासन और सख्त आचार संहिता

“खिलाड़ियों का व्यवहार और खेल की गरिमा हमारे लिए सर्वोपरि है। नए सीजन में स्लो ओवर रेट और अंपायरों के साथ बहस को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।”
— बीसीसीआई अधिकारी (नाम न छापने की शर्त पर)

प्रशंसकों और खिलाड़ियों पर क्या होगा असर?

इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर क्रिकेट जगत दो धड़ों में बंटा हुआ है। रोहित शर्मा जैसे दिग्गज इसे ऑलराउंडरों के विकास में बाधक बता चुके हैं, जबकि ब्रॉडकास्टर्स इसे रोमांच बढ़ाने वाला मानते हैं। बुधवार की बैठक में कप्तानों की राय यह तय करेगी कि क्या भविष्य में इस नियम में कोई संशोधन किया जाएगा। दर्शकों के लिए राहत की बात यह है कि गेंद और बल्ले के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए बीसीसीआई ओस और पिच की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।

 

About The Author

YouTube Shorts Autoplay