Bhupesh Baghel , अंबिकापुर। सरगुजा संभाग के राजनीतिक केंद्र अंबिकापुर में एक बार फिर कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हालिया अंबिकापुर दौरे के बाद पार्टी के भीतर गुटबाजी इतनी तेज हो गई कि मामला अब व्हाट्सएप ग्रुप से लेकर सड़कों तक चर्चा का विषय बन गया है।
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दरअसल, सरगुजा महाराज टीएस सिंह देव से जुड़े कांग्रेस के एक व्हाट्सएप ग्रुप की चैट्स इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इन चैट्स में साफ तौर पर यह संदेश दिया गया है कि यह ग्रुप “सरगुजा महाराज टीएस बाबा का है, भूपेश बघेल का नहीं।” इतना ही नहीं, ग्रुप में यह भी लिखा गया कि “बघेल विचारधारा वाले सम्मानित सदस्यों से निवेदन है कि वे स्वयं ग्रुप छोड़ दें, नहीं तो किसी को निकाला गया तो बहुत खराब लगेगा।”
भूपेश के दौरे से भड़की नाराजगी
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अंबिकापुर पहुंचे थे, जहां उनका स्वागत स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया। हालांकि, इस कार्यक्रम में टीएस सिंह देव के समर्थक खुलकर सामने नहीं आए। इसी बात से नाराज होकर टीएस समर्थकों ने व्हाट्सएप ग्रुप में कड़ा रुख अपनाया।
बताया जा रहा है कि जो कांग्रेस कार्यकर्ता भूपेश बघेल के स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुए थे, उन्हें क्रमशः इस ग्रुप से बाहर किया जाने लगा। अब तक करीब एक दर्जन से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ‘सरगुजा महाराज की कांग्रेस’ नामक ग्रुप से रिमूव किए जाने की बात सामने आ चुकी है।
“जो बाबा का नहीं, वह किसी का नहीं”
वायरल चैट्स में इस्तेमाल की गई भाषा ने विवाद को और गहरा कर दिया है। ग्रुप में कथित तौर पर लिखा गया कि “जो बाबा का नहीं, वह किसी का नहीं।” इस एक लाइन ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति की तल्ख सच्चाई को उजागर कर दिया है।



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