150 एकड़ का फार्महाउस और चारागाह पर कब्जे का दावा
भूपेश बघेल ने शनिवार को मीडिया से चर्चा के दौरान दावा किया कि विनायक ताम्रकर का फार्महाउस करीब 150 एकड़ में फैला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विशाल भूखंड में गांव की चारागाह की सरकारी भूमि भी शामिल है, जिस पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है। बघेल ने सवाल उठाया कि एक प्रभावशाली नेता के संरक्षण के बिना इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती कैसे संभव है? उन्होंने ताम्रकर के सांसद, विधायक और कलेक्टर के साथ नजदीकी संबंधों की ओर इशारा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विनायक ताम्रकर का पलटवार: “द्वेषपूर्ण कार्रवाई”
पार्टी से सस्पेंड होने के बाद विनायक ताम्रकर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को “राजनीतिक द्वेष” से प्रेरित बताया। ताम्रकर का कहना है कि उन्हें फंसाने की साजिश रची जा रही है और सच्चाई जल्द ही सामने आएगी। हालांकि, पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की टीम ने खेत से अफीम के पौधे बरामद किए हैं, जो उनकी मुश्किलों को बढ़ा सकते हैं।
“समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती की सूचना पर पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने दबिश दी थी। खेत से अवैध फसल जब्त की गई है। जमीन के मालिकाना हक और रकबे की जांच के लिए पटवारी और तहसीलदार को पैमाइश के निर्देश दिए गए हैं। दोषियों पर NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।”
— जिला प्रशासन, दुर्ग
समोदा और आसपास के ग्रामीणों के लिए यह घटना किसी झटके से कम नहीं है। चर्चा है कि इस हाई-प्रोफाइल फार्महाउस में अक्सर बड़े नेताओं और अधिकारियों का आना-जाना रहता था। धमधा रोड से सटे इस इलाके में इतनी बड़ी अवैध गतिविधि का चलना स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा रहा है। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि अफीम की यह खेप कहां सप्लाई की जानी थी।

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