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January 26, 2026

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Baloda Bazar Blast : बलौदाबाजार के स्पंज आयरन प्लांट में भीषण धमाका, 6 मजदूरों की मौत, रेस्क्यू जारी

बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार (Baloda Bazar Blast) जिले से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। यहाँ बकुलाही इलाके में स्थित एक स्पंज आयरन प्लांट (Sponge Iron Plant) में जोरदार धमाका होने से हड़कंप मच गया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं।

सुबह की शिफ्ट में हुआ जोरदार विस्फोट

जानकारी के अनुसार, धमाका गुरुवार सुबह उस वक्त हुआ जब प्लांट में काम चल रहा था। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि प्लांट की एक पूरी यूनिट ध्वस्त हो गई। घटनास्थल पर मलबे का बड़ा ढेर लग गया है, जिसमें कई और मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

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घायलों की सूची (List of Injured Workers)

हादसे के तुरंत बाद रेस्क्यू टीम ने घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुँचाया। घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनके नाम इस प्रकार हैं:

  1. मोताज अंसारी (26) – कारपेंटर

  2. सराफत अंसारी (32) – कारपेंटर

  3. साबिर अंसारी (37) – कारपेंटर

  4. कल्पू भुइया (51) – हेल्पर

  5. रामू भुइया (34) – हेल्पर

हादसे का कारण: तकनीकी खराबी या प्रेशर?

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि प्लांट के भीतर किसी तकनीकी खराबी (Technical Fault) या भारी दबाव (Pressure) के कारण यह विस्फोट हुआ। पुलिस और औद्योगिक सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर गहन जांच कर रही है ताकि धमाके के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान

छत्तीसगढ़ सरकार ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुआवजे की घोषणा की है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव कार्य (Rescue Operation) में तेजी लाई जाए और घायलों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएं।

क्या होता है स्पंज आयरन प्लांट? (Know about Sponge Iron Plant)

स्पंज आयरन प्लांट में लौह अयस्क (Iron Ore) को स्टील बनाने के कच्चे माल (स्पंज आयरन) में बदला जाता है। इसके लिए डायरेक्ट रिडक्शन (Direct Reduction) तकनीक अपनाई जाती है। इस प्रक्रिया में कोयले या गैस का उपयोग कर अयस्क से ऑक्सीजन हटाई जाती है। यह प्रक्रिया उच्च तापमान और दबाव में होती है, जिससे दुर्घटना का जोखिम बना रहता है।

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