APAAR ID Chhattisgarh , रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू की गई अपार (APAAR) आईडी योजना में छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अपार आईडी निर्माण के मामले में राज्य ने देश के कई बड़े और विकसित राज्यों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की मजबूत प्रशासनिक क्षमता और डिजिटल नवाचार को दर्शाती है।
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7 जनवरी 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के 57 हजार से अधिक स्कूलों में अध्ययनरत लगभग 57.10 लाख विद्यार्थियों में से 50.60 लाख से ज्यादा छात्रों की अपार आईडी तैयार की जा चुकी है। यह संख्या कुल छात्र आबादी का 88.63 प्रतिशत है, जो बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में सबसे अधिक है।
क्या है APAAR ID योजना
APAAR ID (Automated Permanent Academic Account Registry) छात्रों के लिए एक यूनिक डिजिटल शैक्षणिक पहचान है। इसके माध्यम से छात्रों का पूरा अकादमिक रिकॉर्ड—जैसे प्रवेश, परीक्षा, प्रमाणपत्र और उपलब्धियां—एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहता है।
राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की अहम भूमिका
इस उपलब्धि के पीछे राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग, शिक्षकों और प्रशासनिक अमले की सामूहिक मेहनत को श्रेय दिया जा रहा है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक अपार आईडी निर्माण की प्रक्रिया को पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए गए, जिससे अधिक से अधिक छात्रों को इस डिजिटल पहल से जोड़ा जा सका।
डिजिटल शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि अपार आईडी निर्माण में यह सफलता छत्तीसगढ़ को डिजिटल शिक्षा का रोल मॉडल बनाती है। इससे न केवल छात्रों की शैक्षणिक यात्रा पारदर्शी होगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में डेटा आधारित निर्णय लेने में भी मदद मिलेगी।
आगे का लक्ष्य
राज्य सरकार का लक्ष्य शेष बचे छात्रों की अपार आईडी जल्द से जल्द तैयार कर 100 प्रतिशत कवरेज हासिल करना है। इसके लिए स्कूलों में विशेष शिविर और जागरूकता अभियान जारी रखे जाएंगे।



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