Shashank Singh’ भारतीय क्रिकेटर और पंजाब किंग्स के खिलाड़ी शशांक सिंह तथा उनके पिता के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों को लेकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, खाना बनाने वाले स्टाफ सदस्य विपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि उसके साथ मारपीट की गई और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर शशांक सिंह, उनके पिता सहित तीन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्टाफ सदस्य ने लगाए गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता विपेंद्र सिंह ने पुलिस को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान उसके साथ मारपीट की गई और गाली-गलौज की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है।
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तीन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुल तीन लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता भी शामिल हैं। शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच अधिकारी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जुटा रही है साक्ष्य
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। यदि घटना के दौरान कोई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद था या सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है, तो उसे भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
आरोपों की होगी निष्पक्ष जांच
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एफआईआर दर्ज होना किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, वहीं यदि आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलते हैं तो उसी आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
भारतीय क्रिकेट से जुड़े खिलाड़ी का नाम सामने आने के कारण यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया का भी इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस बीच अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे मामले को लेकर किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करें। जांच पूरी होने के बाद पुलिस विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करेगी और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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