लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा जाति आधारित चुनावी रैलियों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद राज्य की सियासत गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से योगी सरकार से पांच तीखे सवाल पूछे हैं, जिनमें उन्होंने जातिगत भेदभाव के गहरे सामाजिक पहलुओं को उठाया है।
अखिलेश यादव ने लिखा:
“…और 5000 सालों से मन में बसे जातिगत भेदभाव को दूर करने के लिए क्या किया जाएगा?”
“और वस्त्र, वेशभूषा और प्रतीक चिन्हों के माध्यम से जाति-प्रदर्शन से उपजे जातिगत भेदभाव को मिटाने के लिए क्या किया जाएगा?”
“और किसी से मिलने पर नाम से पहले ‘जाति’ पूछने की मानसिकता को ख़त्म करने के लिए क्या किया जाएगा?”
“और किसी का घर धुलवाने जैसी अपमानजनक परंपराओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाएंगे?”
“और किसी पर झूठे और अपमानजनक आरोप लगाकर जातिगत साज़िशें रचने वालों पर क्या कार्रवाई की जाएगी?”
सपा प्रमुख ने कहा कि यदि सरकार सच में जातिगत भेदभाव के खिलाफ है, तो उसे केवल रैलियों पर रोक लगाकर नहीं, बल्कि सामाजिक मानसिकता बदलने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
Asia Cup 2025: यशस्वी जायसवाल का नाम भारतीय स्क्वाड से बाहर, फैंस में गहरा है आश्चर्य
बीजेपी ने किया पलटवार
वहीं भाजपा नेताओं ने अखिलेश यादव के सवालों को राजनीतिक नौटंकी बताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी खुद जाति और तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है। बीजेपी का कहना है कि यह प्रतिबंध चुनावी प्रक्रिया में समरसता और निष्पक्षता लाने के लिए उठाया गया कदम है।
चुनावी साल में बढ़ी हलचल
उत्तर प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव से पहले सरकार के इस फैसले और उस पर आए राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।



More Stories
Avimukteshwarananda : अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा हमला डिप्टी सीएम केशव मौर्य को रोके जाने का आरोप
Gold Rate Today : गणतंत्र दिवस पर सोने की कीमतों में मामूली गिरावट, चांदी ₹3.34 लाख के पार; जानें प्रमुख शहरों के रेट
Republic Day 2026 : कर्तव्य पथ पर ‘वंदे मातरम’ की गूंज, 77वें गणतंत्र दिवस पर दिखा भारत का पराक्रम, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र