रायपुर: राजधानी रायपुर में ड्रग पैडलर नाव्या मलिक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इसी कड़ी में अब एक ऐसे फर्जी अफसर गैंग का पर्दाफाश हुआ है, जो खुद को क्राइम ब्रांच और EOW (आर्थिक अपराध शाखा) का अधिकारी बताकर लोगों से मोटी रकम की वसूली करता था। ताजा मामले में इस गैंग के सदस्य ने रायपुर के एक होटल कारोबारी को निशाना बनाया। आरोपी ने खुद को क्राइम ब्रांच का अफसर बताते हुए कारोबारी से उसके छोटे भाई का मामला रफादफा करने के नाम पर 5 लाख रुपये की मांग की। पुलिस ने मौके पर दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया।
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कैसे हुआ पर्दाफाश?
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, होटल कारोबारी के छोटे भाई के खिलाफ एक मामला दर्ज था। इस मामले का फायदा उठाकर आरोपी ने कारोबारी से संपर्क किया और खुद को एक वरिष्ठ क्राइम ब्रांच अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि वह इस मामले को खत्म करवा सकता है, लेकिन इसके लिए उसे 5 लाख रुपये की जरूरत होगी।
कारोबारी को शक हुआ और उसने तुरंत पुलिस को इस मामले की जानकारी दी। पुलिस ने एक योजना बनाई और कारोबारी को आरोपी से मिलने के लिए कहा। जैसे ही आरोपी पैसे लेने आया, पुलिस ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
नागपुर और मुंबई से कनेक्शन
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह एक बड़े गैंग का हिस्सा है जो छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में सक्रिय है। यह गैंग नागपुर और मुंबई से ऑपरेट करता है। गैंग के सदस्य खुद को अलग-अलग एजेंसियों के अधिकारी बताते हैं और लोगों को धमकाकर वसूली करते हैं।
पुलिस अब इस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। इस गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि वे इस पूरे गैंग का पर्दाफाश कर पाएंगे और कई अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है। यह घटना लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी भी देती है कि वे ऐसे फर्जी अधिकारियों के झांसे में न आएं।

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