रायपुर।’ छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास के चलते वन्य प्राणियों का शिकार और उनके अवशेषों की तस्करी जारी है। तस्करों ने रायपुर को वन्य प्राणियों के अवशेष खपाने का सेफ जोन बना दिया है। आरोपी तंत्र क्रिया करने और बेचने के लिए रायपुर में सौदा कर रहे हैं। रायपुर की रेंज स्तरीय टीम ने खुलासा किया है।
टीम के प्रभारी ने 27 मई को हिरण की खाल और सींग के साथ 3 आरोपियों को पकड़ा। इन आरोपियों में तांत्रिक भी शामिल है। वहीं आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश में 4 साल में 220 हिरण का शिकार हो चुका है। इनमें कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
कोरोना अलर्ट: देश में 12 मौतें, एक्टिव केस 1083; पीएम मोदी के संपर्क में आए लोगों की जांच शुरू
दरअसल, वन विभाग की रेंज स्तरीय फ्लाइंग टीम को 27 मई की दोपहर 3 बजे वन्य प्राणियों के अवशेष की तस्करी का इनपुट मिला। मुखबिर ने बताया कि बोलेरो में वन्य प्राणियों के अवशेष रखकर 3 आरोपी रायपुर की तरफ निकले हैं। रायपुर में इनकी बड़ी डील है।
मुखबिर से खबर मिलते ही फ्लाइंग प्रभारी दीपक तिवारी अपनी टीम के साथ एक्टिव हो गए। इनपुट मिलने पर विधानसभा–बलौदाबाजार रोड पर घेराबंदी की। कुछ समय तक इंतजार के बाद विधानसभा रोड पर एक निजी स्कूल के पास तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।



More Stories
Jagdalpur Temple Theft Case : जगदलपुर मंदिर चोरी केस में बड़ा खुलासा, चोर का CCTV फुटेज जारी
NH-30 Accident : नेशनल हाईवे-30 बना मौत का रास्ता ट्रक-कार टक्कर में डॉक्टर की जान गई
CG BREAKING : बर्खास्तगी और प्रताड़ना से तंग नगर सैनिक ने कलेक्ट्रेट में की आत्महत्या की कोशिश, सुसाइड नोट में अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप