Bilaspur Cyber Fraud : बिलासपुर, छत्तीसगढ़ | 14 दिसंबर 2025| छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सकरी थाना क्षेत्र के आसमा सिटी में रहने वाले रिटायर्ड CRPF कर्मचारी दिवाकर मंडल (61) साइबर ठगों का शिकार बने। जालसाजों ने खुद को टेलीकॉम कर्मचारी और मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और उन्हें 6 लाख 30 हजार रुपये का चूना लगाया। ठगों ने यह कहकर पीड़ित को डराया कि उनका नाम लारेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है और केस से बचने के लिए तुरंत पैसों का इंतजाम करना होगा।
ठगी की पूरी कहानी
दिवाकर मंडल के मोबाइल पर 2 नवंबर 2025 की सुबह अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम विभाग का कर्मचारी बताकर कहा कि उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर मुंबई में कनाडा के बैंक में खाता खोला गया है और उसमें अवैध लेन-देन हो रहा है। इसके बाद उन्हें दूसरे व्यक्ति से जोड़ दिया गया, जिसने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। अधिकारी ने कहा कि दिवाकर मंडल का नाम मनी लॉन्ड्रिंग और लारेंस बिश्नोई से जुड़े केस में फंसा है। जालसाजों ने व्हाट्सएप कॉल पर दिवाकर के दस्तावेज दिखाए और विश्वास जीतने के बाद उनसे पैसे ट्रांसफर करवाए। ठगों ने धमकाया कि यदि तत्काल पैसों की ट्रांजैक्शन नहीं की गई तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
ठगी का तरीका
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पीड़ित को डराकर पैसे ट्रांसफर करवाए गए
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रुपये ट्रांसफर करने के बाद सभी नंबर बंद कर दिए गए
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पीड़ित को एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार बन गए हैं
पीड़ित की शिकायत पर सकरी पुलिस ने BNS की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की चेतावनी
सकरी थाना पुलिस ने लोगों को साइबर ठगी से सतर्क रहने की चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अज्ञात कॉल या संदेश पर तुरंत पैसे ट्रांसफर न करें और ऐसे मामलों में तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल से संपर्क करें।

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