EOW Probe Custom Milling : रायपुर। प्रदेश में हुए कस्टम मिलिंग घोटाले की जांच में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) लगातार अहम सबूतों का खुलासा कर रही है। इस घोटाले में सरकारी अनाज की मिलिंग, परिवहन और बिलिंग के माध्यम से करोड़ों रुपए की अवैध वसूली की गई, और अब इस जाल की गुत्थी सुलझ चुकी है।
EOW ने दाखिल किया मुख्य आरोपित का चालान
EOW ने इस मामले में मुख्य आरोपी धनवाद, झारखंड निवासी दीपेन चावड़ा के खिलाफ विस्तृत चालान दाखिल किया।
-
आरोपित को पूरे नेटवर्क का मुख्य कैश कलेक्शन एजेंट बताया गया।
-
आरोपपत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपी ने फेसटाइम लोकेशन का इस्तेमाल करके रकम लेने वालों को निर्देशित किया।
गवाहों के बयान में खुला खेल
-
अंकुर पालीवाल और सूरज पवार ने अपने बयान में बताया कि उन्हें पैसे लेने के लिए फेसटाइम लोकेशन भेजी जाती थी।
-
इससे यह स्पष्ट हुआ कि घोटाले में सिस्टमेटिक और संगठित रूप से अवैध वसूली की जाती थी।
EOW की जांच से यह भी सामने आया कि सरकारी अनाज की मिलिंग और बिलिंग प्रणाली में गड़बड़ी करके कैसे करोड़ों रुपये की हेराफेरी की जाती थी।
घोटाले का आर्थिक और प्रशासनिक महत्व
कस्टम मिलिंग घोटाला केवल आर्थिक हानि का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और व्यवस्थागत भ्रष्टाचार का भी बड़ा उदाहरण है।
-
करोड़ों रुपए की अवैध वसूली
-
सरकारी अनाज का गलत इस्तेमाल
-
सिस्टम में छुपी गड़बड़ियों का खुलासा

More Stories
CG Crime News : रायपुर में लग्जरी कार वाली ‘लेडी गैंग’ गिरफ्तार, सोने की चेन चोरी का खुलासा
Satta Gang Busted in Raipur : हिस्ट्रीशीटर समेत 6 गिरफ्तार, 9 लाख कैश और आईडी का काला कारोबार उजागर
PCC List Cancellation : कांग्रेस में बगावत , पीसीसी ने पलटा शहर अध्यक्ष का फैसला, नियुक्तियां निरस्त होते ही इस्तीफों की झड़ी