IndiGo Flight Cancellation , नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ान सेवाओं में जारी संकट सातवें दिन भी थमता नजर नहीं आ रहा है। केंद्र सरकार के कड़े निर्देशों और शो-कॉज़ नोटिस के बावजूद सोमवार सुबह भी हालात सामान्य नहीं हो पाए। 8 दिसंबर की सुबह 10 बजे तक इंडिगो की 350 से अधिक फ्लाइटें रद्द की जा चुकी हैं, जिसके कारण लाखों यात्रियों की यात्रा योजनाएं बिगड़ रही हैं और एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।

दिल्ली, श्रीनगर, हैदराबाद, बेंगलुरु सहित कई बड़े एयरपोर्ट पर रद्द होती उड़ानों के कारण यात्रियों की भीड़ बेकाबू दिखी। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर शिकायत करते हुए कहा कि घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें न तो स्पष्ट जानकारी दी जा रही है और न ही वैकल्पिक व्यवस्था। कई यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि एयरलाइन स्टाफ के पास स्पष्ट निर्देश नहीं होने से स्थिति और बिगड़ रही है।
केंद्र सरकार का अल्टीमेटम भी बेअसर

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को लगातार बढ़ती उड़ान रद्दियों के लिए शो-कॉज़ नोटिस जारी किया था और ऑपरेशन तुरंत सामान्य करने को कहा था। लेकिन इसके बावजूद एयरलाइन की सेवाओं में सुधार नहीं दिखा। मंत्रालय ने यात्रियों की परेशानी को देखते हुए एयरलाइन से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है और हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है।
इंडिगो का दावा—“3 दिन में स्थिति सुधर जाएगी”

इंडिगो की ओर से फिर वही बयान आया है कि वे “ऑपरेशनल चुनौतियों” से जूझ रहे हैं, लेकिन अगले तीन दिनों के अंदर उड़ान सेवाएं पूरी तरह सामान्य करने का दावा भी किया है। हालांकि, एयरलाइन ने अब तक यह नहीं बताया कि वास्तविक समस्या क्या है—क्रू की भारी कमी, अचानक बिमारी की छुट्टियां या शेड्यूलिंग में गड़बड़ी?
यात्रियों और एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शिता की कमी ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। अधिकतर यात्रियों को उड़ान रद्द होने की जानकारी आखिरी समय में एसएमएस या ईमेल के जरिए मिल रही है।
यात्रियों की समस्या—रीफंड में देरी और वैकल्पिक उड़ानों की कमी

रद्द हुई उड़ानों का बोझ अब वैकल्पिक फ्लाइट खोज रहे यात्रियों पर बढ़ गया है। कई प्रमुख रूट्स पर टिकट कीमतें आसमान छूने लगी हैं। यात्रियों का कहना है कि रिफंड प्रक्रिया भी धीमी है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।
हवाई यात्रा पर असर, पर्यटन उद्योग भी प्रभावित

दिसंबर जैसे पर्यटन सीजन में इतने बड़े पैमाने पर उड़ानों के रद्द होने से हवाई यात्रा की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं। गोवा, कश्मीर, राजस्थान और दक्षिण भारत के पर्यटन केंद्रों पर इसका भारी असर पड़ा है। होटल और ट्रैवल एजेंसियां भी बढ़ती कैंसिलेशन से परेशान हैं।

More Stories
BREAKING NEWS : कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम का शेड ढहा, 5 मजदूरों की मौत; 50 से अधिक लोगों के दबे होने की आशंका
CBI Apprentice 2026 : सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अप्रेंटिसशिप के 4500 पदों पर आवेदन की अंतिम तारीख कल, जल्द करें रजिस्ट्रेशन
Flu vaccine : भारत में फ्लू का कहर, हर साल 1.2 लाख मौतें, दो-तिहाई बुजुर्ग; पर सिर्फ 2% को ही लगा टीका