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February 21, 2026

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MBBS छात्रों सहित दो आरोपी उगाही में गिरफ्तार, PMT फर्जीवाड़ा में भी जा चुके हैं जेल।

🚨 गरियाबंद पुलिस ने MBBS छात्रों सहित दो आरोपियों को उगाही के आरोप में किया गिरफ्तार: पीएमटी फर्जीवाड़ा में पहले भी जा चुके हैं जेल

गरियाबंद पुलिस ने उगाही (Extortion) के दो आरोपियों निखिल राज सिंह और चंद्रशेखर उर्फ चंदन सेन को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी वर्तमान में स्व. बलीराम कश्यप मेडिकल कॉलेज, जगदलपुर के एमबीबीएस के छात्र हैं, जिन्होंने वर्ष 2007 में प्रवेश लिया था। इन दोनों का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है; वे दो बार पीएमटी परीक्षा फर्जीवाड़ा, जिसे ‘मुन्ना भाई’ प्रकरण कहा जाता है, के मामले में जेल जा चुके हैं। आरोपियों के खिलाफ राज्य और राज्य के बाहर भी धोखाधड़ी के अपराध दर्ज हैं।

📄 मामला और गिरफ्तारी का विवरण

प्रार्थी (शिकायतकर्ता) खेमचंद, थाना छुरा क्षेत्र के निवासी, ने शिकायत दर्ज कराई कि अगस्त 2025 में उन्हें डाक से एक नॉन बेलेबल वारंट (Non-Bailable Warrant) प्राप्त हुआ था। आरोपी निखिल राज ने झूठे मामले में फंसाने की नीयत से यह वारंट भेजा था। निखिल राज ने प्रार्थी से संपर्क कर धमकी दी कि यदि दो लाख रुपये नहीं दिए, तो उसे जेल भिजवा दिया जाएगा। डर के मारे प्रार्थी ने अगस्त माह में ही निखिल राज को एक लाख रुपये और डाक से मिला वारंट दे दिया था। इसके बाद, निखिल राज और उसके साथी चंद्रशेखर उर्फ चंदन सेन ने लगातार जेल भेजने की धमकी देकर पैसों की मांग जारी रखी।

प्राप्त शिकायत के आधार पर, थाना छुरा में अपराध क्रमांक 183/2025, धारा 308(2) बीएनएस (BNS) एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चंद्रशेखर उर्फ चंदन सेन को थाना छुरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि उसका साथी निखिल राज हमसफर ट्रेन से भागकर झांसी जा रहा है। इस सूचना पर आर.पी.एफ. बिलासपुर और पेण्ड्रारोड की मदद से निखिल राज को ट्रेन से पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि खर्च की आदत के कारण वे वर्ष 2009 से भोले-भाले लोगों को झांसा देकर/धोखाधड़ी कर पैसा ऐंठ रहे हैं। इस मामले में, निखिल राज को मिले एक कोरे वारंट पर उसने चंदन सेन के साथ मिलकर अवैध तरीके से पैसा कमाने के उद्देश्य से प्रार्थी का नाम-पता लिखकर उसे नॉन बेलेबल वारंट बनाकर भेजा था, और बाद में धमकी देकर एक लाख रुपये की उगाही की। पूछताछ और साक्ष्य के आधार पर, प्रकरण में धारा \begin{matrix}111,318(4),338,336(3),340,(1)(2) बीएनएस की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

⚖️ आरोपियों का आपराधिक इतिहास

आरोपी चंद्रशेखर उर्फ चंदन सेन (उम्र 40 वर्ष, निवासी कनसिंघी, थाना छुरा) थाना छुरा का निगरानी बदमाश है।

  • पीएमटी फर्जीवाड़ा: वर्ष 2009 और 2010 की पीएमटी परीक्षाओं में वास्तविक अभ्यर्थी की जगह दूसरे अभ्यर्थियों को बैठाकर परीक्षा दिलाने के मामले में कोतवाली महासमुंद और सरकण्डा बिलासपुर में मामले दर्ज हैं।
  • अन्य धोखाधड़ी: पीएमटी पास कराने के नाम पर धोखाधड़ी (जगदलपुर, दुर्ग), वार्ड बॉय नौकरी, छात्रावास अधीक्षक, और स्वास्थ्य विभाग में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी (रायपुर) के मामले भी दर्ज हैं।
  • जुआर एक्ट: जुआ एक्ट के तहत भी एक मामला दर्ज है।

आरोपी निखिल राज सिंह (उम्र 37 वर्ष, निवासी मउरानीपुर, झांसी, उ.प्र.) के खिलाफ भी पीएमटी फर्जीवाड़ा (महासमुंद, बिलासपुर) और गुरुग्राम में लगभग 5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सहित अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तार दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी स्व. बलीराम कश्यप मेडिकल कॉलेज, जगदलपुर के साथ साझा की जाएगी। इसके अलावा, धोखाधड़ी से अर्जित संपत्ति की भी अलग से जांच की जाएगी।

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