बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य में सड़कों और नेशनल हाईवे पर बढ़ती स्टंटबाजी, गुंडागर्दी और बर्थडे सेलिब्रेशन जैसी अराजक गतिविधियों पर कड़ी नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी की कि अमीर और प्रभावशाली लोग ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं, जबकि राज्य सरकार की गाइडलाइंस केवल कागजों में ही सिमटी हुई हैं।
मुख्य सचिव को कोर्ट ने दिया कड़ा निर्देश
हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य सचिव को व्यक्तिगत शपथ पत्र (अफिडेविट) देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि लगातार हो रही घटनाओं से यह साफ है कि ट्रैफिक नियमों पर अमल नहीं हो रहा और पुलिस भी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही।
नियमों के पालन में भारी लापरवाही
बेंच ने कहा कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और इससे आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार ने अब भी सख्त कदम नहीं उठाए, तो हाईकोर्ट स्वयं कड़े निर्देश जारी करेगा। मामले की अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होगी।
हाईकोर्ट की सख्ती के बावजूद नहीं रुके स्टंट
कोर्ट ने पोलिस की लापरवाही पर भी चिंता जताई। हाल ही में बिलासपुर के रिवर व्यू रोड पर एक युवक को कार की बोनट पर बैठकर स्टंट करते हुए देखा गया था। ऐसी कई घटनाओं के बाद भी पुलिस का रवैया उदासीन बना हुआ है।
जनता की सुरक्षा सर्वोच्च— कोर्ट
हाईकोर्ट ने कहा कि सड़कों और हाईवे पर होने वाली स्टंटबाजी और अराजक गतिविधियां लोगों की जान जोखिम में डाल रही हैं। ऐसे में सरकार और प्रशासन को तुरंत प्रभावी कदम उठाने होंगे।

More Stories
Chhattisgarh Police Transfer : राज्य पुलिस सेवा के 3 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला, गृह विभाग ने जारी किया आदेश
LIVE छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र: पिंक ई-रिक्शा से विधानसभा पहुंचे मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और विधायक ललित चंद्राकर
Chhattisgarh Crime News : कोरिया नौगई तिहरा हत्याकांड, घटनास्थल पहुंची CBI की 5 सदस्यीय टीम, जांच शुरू