रायपुर। राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने पर छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। पहली बार राज्य ने रजिस्ट्री राजस्व में 3000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे यह तेलंगाना, झारखंड और उत्तराखंड जैसे समान आयु वाले राज्यों से आगे निकल गया है।
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रजिस्ट्री से रिकॉर्ड राजस्व, रियल एस्टेट सेक्टर में उछाल
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अब तक रजिस्ट्री से 3005 करोड़ रुपए की आमदनी हुई है, जो अब तक का सर्वाधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह रियल एस्टेट सेक्टर की तेजी और निवेशकों के बढ़ते भरोसे का परिणाम है।
नया रायपुर से बिलासपुर तक विकास का ग्रोथ मॉडल
नया रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और भिलाई जैसे शहरों में संपत्ति खरीद-फरोख्त में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स ने भी इस उछाल को गति दी है।
सरकार बोली—जनता के विश्वास और पारदर्शी सिस्टम की जीत
राज्य के राजस्व विभाग ने कहा कि यह उपलब्धि जनता के भरोसे, डिजिटल रजिस्ट्री सिस्टम, और पारदर्शी प्रशासनिक प्रक्रिया का नतीजा है। विभाग ने लक्ष्य रखा है कि अगले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 3500 करोड़ रुपए तक पहुंचाया जाए।
कृषि, उद्योग और हाउसिंग सेक्टर का योगदान अहम
विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि आधारित उद्योग, माइनिंग और नई हाउसिंग योजनाओं ने रजिस्ट्री राजस्व बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। ग्रामीण इलाकों में भी अब संपत्ति खरीदारी के मामलों में तेजी देखी जा रही है।

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