नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीमा पर जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच 23वीं कोर कमांडर स्तर की वार्ता लद्दाख सेक्टर के मोल्दो-चुशुल बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर 25 अक्टूबर 2025 को आयोजित हुई। इस बैठक में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिरता और शांति बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा की गई।
चीनी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने सीमा प्रबंधन, विवादित क्षेत्रों में तनाव कम करने और भविष्य में टकराव से बचने के उपायों पर गहन विचार-विमर्श किया। साथ ही, संवाद बनाए रखने और आपसी विश्वास बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।
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भारतीय पक्ष ने उठाए प्रमुख मुद्दे
सूत्रों के अनुसार, भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स, देपसांग और डेमचोक सेक्टर में लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान पर जोर दिया। भारतीय सेना ने कहा कि सीमा पर शांति और स्थिरता ही दोनों देशों के बीच संबंधों के सामान्यीकरण की बुनियाद है।
संवाद जारी रखने पर सहमति
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने सैन्य और कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से संवाद जारी रखने पर सहमति जताई है। लक्ष्य है — सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति कायम रखते हुए आपसी सहयोग को आगे बढ़ाना।
इस बैठक को हाल के महीनों में भारत-चीन संबंधों में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बातचीत में तय सहमति को जमीनी स्तर पर कैसे लागू किया जाता है।



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