बिलासपुर। बिलासपुर में खेत और आंगनबाड़ी में करंट लगने से दो बच्चों की मौत के मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान बिजली विभाग ने अदालत को बताया कि उन्होंने प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया है। एक बच्चे के परिजनों को 4 लाख रुपये और दूसरे मामले में 1 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है।
यह मामला तब सामने आया जब बिलासपुर हाईकोर्ट ने इन दो दुखद घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लिया था। अदालत ने इन हादसों को रोकने के लिए राज्य सरकार और बिजली विभाग को कड़े और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसी लापरवाही भविष्य में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि यह सीधे तौर पर मासूमों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
जानकारी के मुताबिक, इन घटनाओं में से एक मामला खेत में करंट फैलने से हुई बच्चे की मौत का था, जबकि दूसरा मामला एक आंगनबाड़ी केंद्र में घटित हुआ था। दोनों ही मामलों में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई थी, जिसके कारण ये दुखद हादसे हुए।
कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि बिजली के खंभों, तारों और अन्य उपकरणों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, आंगनबाड़ी और सार्वजनिक स्थानों के आसपास बिजली के तारों और उपकरणों को सुरक्षित ढंग से स्थापित किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाएं न हो सकें। शासन ने कोर्ट को आश्वासन दिया है कि वह इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेगा और सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया जाएगा।

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