छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक बार फिर अंधविश्वास और ढोंग का शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां एक तांत्रिक ने बकायदा दरबार लगाकर लोगों से भूत उतारने, कलह दूर करने और बीमारियां ठीक करने का दावा किया। इसके लिए वह हर व्यक्ति से 5100 रुपये की मोटी रकम वसूल रहा था और पूजा-पाठ के नाम पर मुर्गी, बकरा और कबूतर की बलि दे रहा था। इस पूरे अंधविश्वास के खेल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रायगढ़: सब्जी के 50 रुपए को लेकर झगड़ा, सब्जीवाले ने पुलिसकर्मी से की हाथापाई
क्या है पूरा मामला?
घटना कांकेर के बस्तर ब्लॉक के दुर्गकोंदल के पास एक गांव की है। तांत्रिक ने यहां एक बड़ा पंडाल लगाया था, जहां सैकड़ों लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। तांत्रिक लोगों को दावा कर रहा था कि वह ‘देवी’ से सीधे बातचीत करके उनकी हर समस्या का समाधान कर सकता है। वह लोगों को भूत-प्रेत से छुटकारा दिलाने, परिवार में चल रहे कलह को खत्म करने और गंभीर बीमारियों को भी ठीक करने का झांसा दे रहा था।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तांत्रिक पूजा के दौरान जानवरों की बलि दे रहा है और महिलाएं और पुरुष उसके सामने खड़े हैं। इस दौरान लोग तांत्रिक की हर बात को पूरी श्रद्धा से मान रहे थे।
5100 रुपये में समाधान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तांत्रिक हर समस्या के समाधान के लिए 5100 रुपये का शुल्क लेता था। इसके अलावा, उसे पूजा के लिए मुर्गी, बकरा और कबूतर भी दिए जाते थे, जिनकी बलि दी जाती थी। इस तरह वह धर्म और आस्था के नाम पर लोगों की जेबें खाली कर रहा था।
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में लोग एक जगह कैसे जमा हुए और पुलिस को इसकी खबर क्यों नहीं लगी। यह घटना बताती है कि आज भी ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में अंधविश्वास का जाल कितनी गहराई तक फैला हुआ है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है और तांत्रिक की तलाश शुरू कर दी है।

More Stories
CG Crime News : छत्तीसगढ़ में हैवानियत’ घर में घुसकर मां-बेटी से मारपीट, जहर पिलाने की कोशिश और अश्लील वीडियो बनाने की धमकी’ 3 FIR दर्ज
NEET 2026 : 3 मई को देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा, जिला प्रशासन का सख्त फरमान—”गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं
CG NEWS : छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक खोज’ मल्हार की धरा से मिला 2000 साल पुराना दुर्लभ ताम्रपत्र, 3 किलो वजनी इस धरोहर में छिपा है प्राचीन इतिहास