भारत और चीन के बीच सीधी यात्री उड़ानें जल्द ही फिर से शुरू होने की उम्मीद है, जो पांच साल के लंबे अंतराल के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार का एक महत्वपूर्ण संकेत है। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन दौरे के दौरान होने की संभावना है, जो 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में आयोजित होने वाला है।
‘बैटल ऑफ गलवान’ में दिखेगा सलमान का नया अंदाज़, सेट से लीक हुई पहली झलक
दोनों देशों के बीच क्यों बंद हुई थीं उड़ानें? भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानें 2020 में कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बाद से बंद हैं। इसके बाद, पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प के कारण संबंधों में और तनाव आ गया था, जिससे हवाई यात्रा की बहाली पर रोक लग गई थी।
उड़ानें शुरू होने से क्या होगा फायदा? दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू होने से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और लोगों के बीच आपसी संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में, यात्री हांगकांग या सिंगापुर जैसे शहरों के माध्यम से लंबी और महंगी यात्रा करने को मजबूर हैं।
राजनयिक प्रयासों का परिणाम यह कदम दोनों देशों के बीच राजनयिक प्रयासों का परिणाम है, जो पिछले कुछ समय से तनाव कम करने और संबंधों को सामान्य बनाने के लिए काम कर रहे हैं। हाल ही में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच हुई बैठकों में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी।
SCO शिखर सम्मेलन का महत्व तियानजिन में होने वाला SCO शिखर सम्मेलन एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। इस बैठक में सीमा विवाद और सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने जैसे मुद्दों पर निर्णायक बातचीत हो सकती है, जिससे दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।

More Stories
08 September 2026 Horoscope : ऐसा रहेगा आज राशियों का हाल और ग्रहों की चाल, जानिए अपना राशिफल
Rules Changing From September 1 : 1 सितंबर से बदलेंगे LPG, FD और ITR समेत कई नियम, जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर