रायपुर : छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में चैतन्य बघेल की गिरफ़्तारी की विरोध में कांग्रेस कल आर्थिक नाकेबंदी करने जा रही है. इसे लेकर रणनीति तैयार कर प्रभारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने विभिन्न प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है.
किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी ?
बस्तर में लखेश्वर बघेल, कोंडागांव और नारायणपुर में मोहन मरकाम, रायगढ़ में उमेश पटेल, रायपुर में डॉ. शिवकुमार डहरिया, मतरी में धनेंद्र साहू, दुर्ग में गिरीश देवांगन, कोरबा में पुरुषोत्तम कंवर और मोहित केरकेट्टा, सरगुजा में प्रेमसाय सिंह, सराईपाली में रामकुमार यादव, बिलासपुर में अटल श्रीवास्तव और जांजगीर-चांपा में व्यास कश्यप को जिम्मेदारी दी गई है.

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने शुक्रवार को जन्मदिन के अवसर पर शराब घोटाले में गिरफ्तार किया था. इस पर कांग्रेस की बैठक हुई, और सर्वसम्मति से ईडी की कार्रवाई के साथ सरकार और उद्योगपति के विरोध में 22 जुलाई को प्रदेश व्यापी आर्थिक नाकेबंदी का ऐलान किया गया.

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