रायपुर नगर निगम ने आगामी मानसून के मद्देनज़र शहर को बाढ़ और संबंधित खतरों से बचाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने एक समर्पित बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ (Flood Control Cell) का गठन किया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। यह पहल निगम के ‘एक्शन मोड’ को दर्शाती है, जिसमें नागरिकों की सुरक्षा और संपत्ति की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
इस प्रकोष्ठ के तहत, सभी जोन कमिश्नरों को अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ़ नियंत्रण के प्रभारी के रूप में कार्य करने का निर्देश दिया गया है। उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना और यह सुनिश्चित करना है कि जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। इसके साथ ही, निगम शहर में मौजूद सभी जर्जर और असुरक्षित भवनों पर कड़ी नज़र रख रहा है। इन भवनों की एक विस्तृत सूची तैयार की जा रही है, और जल्द ही उनके मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। निगम का लक्ष्य इन ढांचों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है ताकि मानसून के दौरान किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके।
बाढ़ से प्रभावित होने वाले परिवारों को तत्काल सहायता और आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी योजना है। जोन स्वास्थ्य अधिकारी प्रतिदिन जोन कमिश्नर के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों की प्रगति पर नज़र रखेंगे और रिपोर्ट करेंगे। यह प्रकोष्ठ टिकरापारा स्थित मोटर कर्मशाला कार्यालय में स्थापित किया गया है, और नागरिकों की सुविधा के लिए 0771-2272101 और 2274101 जैसे हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जिन पर बाढ़ संबंधी शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं।
मोटर कर्मशाला के कार्यपालन अभियंता प्रदीप यादव (मो. 9301953219) को इस प्रकोष्ठ का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो सभी गतिविधियों का समन्वय करेंगे। बाढ़ नियंत्रण संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाएं तत्काल संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचाई जाएंगी। डिप्टी आयुक्त ने बताया कि प्रकोष्ठ में 8-8 घंटे की तीन शिफ्टों में अधिकारियों, अभियंताओं और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिससे यह 24 घंटे सक्रिय रहेगा। निगम के अपर आयुक्त विनोद पांडेय (मो. 9424264100) और निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तुषित पाणिग्रही (मो. 9691285715) इस प्रकोष्ठ के लिए लिंक अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे, जिससे बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके। रायपुर निगम की यह व्यापक तैयारी आगामी मानसून के दौरान शहरवासियों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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