रायपुर। राजधानी के मेडिशाइन हॉस्पिटल के पास एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां अमलीडीह निवासी 17 वर्षीय किशोर सचिन यादव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि मृतक के पिता की मृत्यु लगभग 7-8 वर्ष पूर्व हो चुकी थी, जिसके बाद उसकी मां ने विधवा होकर बर्तन पोछा कर अपने दोनों बच्चों का पालन-पोषण किया। सचिन बड़ा बेटा था और परिवार की उम्मीद भी, लेकिन उसकी असमय मृत्यु ने पूरे मोहल्ले को झकझोर दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्लों और गलियों में खुलेआम बिक रही सस्ती नशे की सामग्री ने समाज के युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। खासकर गरीब और असहाय परिवारों के बच्चे इसका आसान शिकार बन रहे हैं। सचिन की आत्महत्या के पीछे भी नशे की लत या इससे जुड़ी किसी समस्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
इस दुखद घटना ने प्रशासन और समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब तक सस्ती और घातक नशे की वस्तुएं गली-मोहल्लों में आसानी से उपलब्ध रहेंगी, तब तक ऐसी घटनाएं रुकना मुश्किल हैं। स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शासन से मांग की है कि नशे के इस फैलते जाल को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। साथ ही, ऐसे नशे के कारोबारियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई कर समाज को इस विनाशकारी प्रवृत्ति से बचाया जाए।

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