CG News : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में फैमिली कोर्ट के जज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस मामले में सरकंडा थाना प्रभारी (TI) प्रदीप आर्य पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। वहीं, उनकी जगह नरेश चौहान को सरकंडा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस विभाग में हुए इस फेरबदल के बाद मामला सुर्खियों में है। हालांकि, एसएसपी रजनेश सिंह की ओर से जारी आदेश में टीआई प्रदीप आर्य को लाइन अटैच करने की वजह प्रशासनिक बताई गई है। आदेश में सीधे तौर पर फैमिली कोर्ट के जज के खिलाफ दर्ज एफआईआर को कार्रवाई का कारण नहीं बताया गया है।
फैमिली कोर्ट के जज के खिलाफ दर्ज हुई थी FIR
जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले बिलासपुर के फैमिली कोर्ट के एक न्यायाधीश के खिलाफ सरकंडा थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस कार्रवाई के बाद पुलिस और न्यायिक महकमे के बीच मामला चर्चा का विषय बन गया था।
मामले को लेकर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई थीं। एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया और उसके बाद सामने आए घटनाक्रम को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे थे।
TI प्रदीप आर्य लाइन अटैच, नरेश चौहान को मिली जिम्मेदारी
इस घटनाक्रम के बीच एसएसपी रजनेश सिंह ने सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच करने का आदेश जारी किया है। उनके स्थान पर नरेश चौहान को सरकंडा थाने का नया प्रभारी बनाया गया है।
आदेश जारी होने के बाद थाना स्तर पर जिम्मेदारी में बदलाव किया गया है। नरेश चौहान अब सरकंडा थाना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
इस पूरी कार्रवाई को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एसएसपी की ओर से जारी आदेश में लाइन अटैच करने की वजह प्रशासनिक बताई गई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि इस कार्रवाई का फैमिली कोर्ट के जज के खिलाफ दर्ज एफआईआर से सीधा संबंध है या नहीं।

