नई दिल्ली: Strait of Hormuz Attack: होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय क्रू वाले एक तेल टैंकर पर हमले की खबर सामने आई है। पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर MT LOUISE 1 पर कथित तौर पर दो लिम्पेट माइंस से हमला किया गया, जिससे जहाज के इंजन रूम में आग लग गई। इस जहाज पर 27 भारतीय नाविक सवार थे। राहत की बात यह है कि सभी नाविक सुरक्षित हैं और घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज पर मौजूद कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया। घटना के दौरान समुद्र में तेल का रिसाव भी नहीं हुआ। इसके बाद टैंकर ने दोबारा अपना सफर शुरू कर दिया। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
ओमान के पास हुआ हमला, UKMTO ने दी जानकारी
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के मुताबिक, यह घटना ओमान के खासाब शहर से लगभग 46 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हुई। रिपोर्ट में बताया गया है कि फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट में लिम्पेट माइंस के इस्तेमाल से जुड़ी यह पहली सफल घटना है।
लिम्पेट माइंस ऐसी विस्फोटक डिवाइस होती हैं, जिन्हें जहाज के बाहरी हिस्से से चिपकाया जा सकता है। समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इनका इस्तेमाल छोटे जहाजों या नावों की मदद से किया जा सकता है। इनकी लागत अपेक्षाकृत कम होने के कारण समुद्री व्यापारिक जहाजों के लिए इनसे खतरा पैदा हो सकता है।
क्या होती हैं लिम्पेट माइंस?
लिम्पेट माइंस विशेष प्रकार के विस्फोटक उपकरण होते हैं, जिन्हें जहाज के बाहरी ढांचे से चिपकाया जाता है। इनका इस्तेमाल समुद्र में जहाजों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस क्षेत्र में इस तरह की माइंस का इस्तेमाल पहले भी किया जा चुका है। समुद्री सुरक्षा कंपनी मेरिस्क्स के अनुसार, इनका कम खर्च और इस्तेमाल में आसानी इन्हें समुद्री सुरक्षा के लिहाज से चुनौतीपूर्ण बनाती है।
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सर्बानंद सोनोवाल ने क्या कहा?
तेल टैंकर पर हमले के बाद केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि जहाज पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। साथ ही, जहाज संचालित करने वाली कंपनियों के साथ संपर्क बनाए रखा जा रहा है, ताकि भारतीय कर्मचारियों की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
एक दिन पहले MT ARZANAH पर भी हुआ था हमला
होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकर पर हमले की यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे एक दिन पहले लाइबेरिया के झंडे वाले बड़े तेल टैंकर MT ARZANAH पर भी हमला हुआ था। उस जहाज पर दो भारतीय नागरिक सवार थे।
रिपोर्ट के अनुसार, उस जहाज पर किसी वस्तु से हमला किया गया था। लगातार दो दिनों में भारतीय क्रू वाले जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने इस समुद्री मार्ग पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां व्यापारिक जहाजों पर होने वाले हमलों का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और समुद्री परिवहन पर पड़ सकता है।
भारत के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए आयातित कच्चे तेल की अहम भूमिका है। इसके अलावा, इस क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।

