US Iran War: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर बड़े सैन्य हमले की तैयारी किए जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले हमला किए जाने की संभावना जताई गई है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला करने की किसी भी योजना से इनकार किया है। इस बीच, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य संसाधनों की तैनाती और कूटनीतिक बातचीत ठप होने की खबरों ने संभावित संघर्ष को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
अमेरिका और इजरायल की क्या है योजना?
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इस रिपोर्ट में वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों और एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने के लिए जरूरी तैयारियां कर रही है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि हमला कब शुरू हो सकता है। अमेरिकी अधिकारी ने इजरायल में चुनाव से पहले सैन्य कार्रवाई शुरू होने की संभावना को लेकर भी संदेह जताया है।
मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे अमेरिकी सैन्य संसाधन
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी सैन्य संसाधनों को मध्य पूर्व की ओर भेजा जा रहा है। इनमें यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट एयरक्राफ्ट कैरियर और 13वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का जिक्र किया गया है। इनके साथ करीब 10,000 अतिरिक्त नाविकों और मरीन के क्षेत्र में पहुंचने की बात कही गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के दो अन्य एयरक्राफ्ट कैरियर पहले से ही अरब सागर में मौजूद हैं। इस सैन्य गतिविधि को संभावित संघर्ष की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, सैन्य तैनाती की खबरों से यह अपने आप साबित नहीं होता कि ईरान पर हमला करने का अंतिम फैसला लिया जा चुका है।
व्हाइट हाउस ने हमले की खबरों को किया खारिज
ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले की खबरों के बीच व्हाइट हाउस ने इन दावों को खारिज किया है। व्हाइट हाउस की प्रिंसिपल डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी अन्ना केली ने ‘ड्रॉप साइट’ से कहा कि अमेरिका मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा।
व्हाइट हाउस के इस बयान से संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर सामने आ रही अटकलों पर सवाल खड़े हुए हैं। फिलहाल, अमेरिकी प्रशासन के बयान और रिपोर्ट में किए गए दावों के बीच अंतर नजर आ रहा है।
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ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
दूसरी ओर, ईरान ने भी किसी नए सैन्य संघर्ष की स्थिति में जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी जनरल मोहसेन रेजाई के मुताबिक, तेहरान के पास क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य संसाधनों को निशाना बनाने के लिए मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करने की क्षमता है।
रेजाई ने कहा कि अगर संघर्ष दोबारा शुरू होता है, तो ईरान के पास व्यापक योजना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान कूटनीति को प्राथमिकता देना चाहता है, लेकिन युद्ध की स्थिति में जवाब देने के लिए तैयार है।
ईरान की इस चेतावनी से साफ है कि यदि दोनों पक्षों के बीच सैन्य टकराव दोबारा शुरू होता है, तो उसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित रहने के बजाय पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ सकता है।
ईरान ने कहा- इस बार नुकसान ज्यादा हो सकता है
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि तेहरान के खुफिया आकलन में इजरायल में मतदान से पहले बड़े पैमाने पर बमबारी की आशंका जताई गई है। अधिकारी ने बातचीत ठप होने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव पर कोई कदम नहीं उठाया।
ईरानी अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि संघर्ष दोबारा शुरू होता है, तो इस बार जान-माल का नुकसान काफी ज्यादा हो सकता है। उन्होंने अमेरिकी सैन्य तैनाती और क्षेत्र में उसकी मौजूदगी का हवाला देते हुए अमेरिकी पक्ष को भारी नुकसान होने की आशंका जताई।
हालांकि, ये दावे संबंधित अधिकारियों के बयानों और मीडिया रिपोर्ट पर आधारित हैं। फिलहाल, किसी नए हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या खाड़ी में फिर शुरू होगा युद्ध?
अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयासों में रुकावट, अमेरिकी सैन्य संसाधनों की तैनाती और ईरान की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी ने मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका को तेज कर दिया है। वहीं, व्हाइट हाउस ने चुनाव से पहले हमले की योजना से इनकार किया है।
ऐसे में ईरान पर संभावित हमले को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। आने वाले दिनों में अमेरिका, इजरायल और ईरान की ओर से दिए जाने वाले आधिकारिक बयान और कूटनीतिक गतिविधियां इस बात के संकेत दे सकती हैं कि क्षेत्र में तनाव कम होगा या सैन्य टकराव का खतरा और बढ़ेगा।

