CG Weather Today : रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। प्रदेश में अब ठंड ने दस्तक देनी शुरू कर दी है और रात के तापमान में गिरावट का दौर जारी है। द्रोणिका का प्रभाव समाप्त होने के बाद आसमान साफ होने लगा है, जिसके चलते रात के समय ठंडक बढ़ रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान बिलासपुर में न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस, जबकि राजधानी रायपुर में 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में आए इस बदलाव के बाद लोगों को आने वाले दिनों में ठंड का असर और बढ़ने की उम्मीद है।
रात के तापमान में गिरावट, ठंड का असर बढ़ा
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। हालांकि, जगदलपुर इसका अपवाद रहा, जहां तापमान में दूसरे क्षेत्रों जैसा बदलाव नहीं देखा गया। मौसम में इस परिवर्तन का प्रमुख कारण द्रोणिका का प्रभाव समाप्त होना और आसमान का साफ होना बताया जा रहा है।
आसमान साफ रहने से रात के समय धरती की गर्मी तेजी से बाहर निकलती है। इसके कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट आती है और सुबह तथा देर रात ठंड का अहसास बढ़ने लगता है। प्रदेश के कई इलाकों में अब मौसम का यही रुख देखने को मिल रहा है।
बिलासपुर में 4 डिग्री तक गिरा पारा
पिछले 24 घंटे के दौरान बिलासपुर में न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, राजधानी रायपुर में भी रात का तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया। तापमान में आई इस गिरावट से साफ संकेत मिल रहे हैं कि प्रदेश में सर्द मौसम की शुरुआत धीरे-धीरे हो रही है।
दिन के समय धूप निकलने से मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है, लेकिन रात और सुबह के समय ठंडक बढ़ने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में मौसम के इस बदलाव का असर खासकर सुबह जल्दी घर से निकलने वाले लोगों पर पड़ सकता है।
अगले 5 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम?
आसमान साफ रहने और न्यूनतम तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहने पर अगले कुछ दिनों में रातें अधिक ठंडी महसूस हो सकती हैं। हालांकि, अगले पांच दिनों के दौरान तापमान में कितनी गिरावट होगी और किन जिलों में ठंड का असर अधिक रहेगा, इसका सटीक अनुमान लगाने के लिए मौसम विभाग का विस्तृत पूर्वानुमान देखना जरूरी है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदेश में मौसम शुष्क होने और रात के तापमान में कमी आने का रुझान दिखाई दे रहा है। बारिश की संभावना, जिलेवार तापमान और किसी विशेष मौसम चेतावनी की पुष्टि के लिए मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी है।

