नई दिल्ली: Marco Rubio India Visit 2026: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार, 20 अक्टूबर से भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। इस यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते, रक्षा सहयोग, ऊर्जा, निवेश और महत्वपूर्ण तकनीकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। रुबियो मुंबई में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, वह अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। दोनों देशों के संबंधों में जारी तनाव के बीच इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर रहेगी नजर
मार्को रुबियो की इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना है। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर भी महत्वपूर्ण बातचीत होने की उम्मीद है।
भारत दौरे से पहले उज्बेकिस्तान में रुबियो ने संकेत दिया था कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब है। उन्होंने रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए अमेरिकी शुल्क में छूट और व्यापार समझौते के बीच संबंध होने की ओर भी इशारा किया था।
ऐसे में रुबियो की यात्रा के दौरान व्यापार वार्ता में प्रगति और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को लेकर होने वाली घोषणाओं पर नजर रहेगी।
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एस. जयशंकर के साथ होगी अहम बैठक
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मार्को रुबियो मंगलवार दोपहर 2:15 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इसके बाद उनकी भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक प्रस्तावित है।
इस बैठक में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों नेता व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, ऊर्जा और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर विचार-विमर्श कर सकते हैं।
रुबियो के साथ अमेरिकी कारोबारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी भारत आने की उम्मीद है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई दिशा मिलने की संभावना है।
गुजरात के जामनगर भी जाएंगे रुबियो
भारत की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान मार्को रुबियो बुधवार को गुजरात के जामनगर जाने वाले हैं। हालांकि, उनके दौरे के अन्य कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही यात्रा के एजेंडे की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
रुबियो का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और अमेरिका के बीच कई मुद्दों पर बातचीत जारी है। इस साल यह उनकी दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले मई में भारत दौरे के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी।
भारत-अमेरिका संबंधों के लिए क्यों अहम है यह दौरा?
भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और तकनीक जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से सहयोग रहा है। हालांकि, व्यापार शुल्क और रूसी तेल की खरीद जैसे मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं।
ऐसे में मार्को रुबियो की यात्रा दोनों देशों को प्रमुख मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाने का अवसर दे सकती है। अब देखना होगा कि इस दौरे के दौरान व्यापार समझौते को लेकर कितनी प्रगति होती है और रक्षा एवं ऊर्जा सहयोग पर क्या सहमति बनती है।

