CG News : अंबिकापुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीव चिकित्सा से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है। अंबिकापुर में मिले एक इंडियन रॉक पाइथन यानी अजगर के मुंह में ट्यूमर जैसी गांठ पाई गई। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे बिलासपुर ले जाया गया। यहां पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. पीयूष दुबे ने करीब साढ़े तीन घंटे तक जटिल सर्जरी कर गांठ को बाहर निकाला। ऑपरेशन के बाद अजगर को विशेष निगरानी में रखा गया है। इस सफल सर्जरी से उसके स्वस्थ होने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि, गांठ कैंसरग्रस्त थी या नहीं, इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी।
अजगर के मुंह में मिली असामान्य गांठ
जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर में एक इंडियन रॉक पाइथन के मुंह में ट्यूमर जैसी गांठ होने का पता चला। मुंह में इस तरह की असामान्य वृद्धि वन्यजीव के लिए गंभीर परेशानी पैदा कर सकती है। इससे भोजन निगलने और सामान्य रूप से खाने में कठिनाई होने का खतरा रहता है।
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अजगर की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए बिलासपुर ले जाने का निर्णय लिया गया। वहां विशेषज्ञों ने उसकी जांच कर सर्जरी की तैयारी की।
डॉ. पीयूष दुबे ने की साढ़े तीन घंटे तक सर्जरी
बिलासपुर में पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. पीयूष दुबे ने अजगर का ऑपरेशन किया। यह सर्जरी करीब साढ़े तीन घंटे तक चली। ऑपरेशन के दौरान उसके मुंह में मौजूद गांठ को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया।
सांपों की शारीरिक संरचना और उनके उपचार की विशेष जरूरतों के कारण इस तरह की सर्जरी चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में वन्यजीव की सुरक्षा, एनेस्थीसिया और ऑपरेशन के बाद की देखभाल का विशेष ध्यान रखना पड़ता है।
ऑपरेशन के बाद विशेष निगरानी में अजगर
सर्जरी पूरी होने के बाद अजगर को विशेष देखरेख में रखा गया है। ऑपरेशन के बाद उसकी स्थिति पर नजर रखना जरूरी है, ताकि संक्रमण या अन्य जटिलताओं का समय रहते पता लगाया जा सके।
गांठ के कैंसरग्रस्त होने की पुष्टि के लिए संबंधित चिकित्सकीय जांच महत्वपूर्ण होगी। केवल गांठ दिखाई देने या उसे निकालने के आधार पर कैंसर की पुष्टि नहीं की जा सकती।

