अमलेश्वर (दुर्ग): सड़क हादसों पर सिर्फ चिंता जताने या केवल व्यवस्था के भरोसे बैठे रहने के बजाय, जब समाज खुद आगे आकर कदम उठाता है तो वह दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाता है। ऐसा ही एक सकारात्मक और अनुकरणीय प्रयास अमलेश्वर स्थित पहंदा रोड की ‘एकेएस स्मार्ट सिटी’ (AKS Smart City) के निवासियों ने कर दिखाया है। कॉलोनी के मुख्य प्रवेश द्वार पर अंधाधुंध रफ्तार से दौड़ते वाहनों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराया है।
स्थानीय नागरिकों का यह कदम किसी विरोध के लिए नहीं, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और आम राहगीरों की जान बचाने के उद्देश्य से उठाया गया एक सामूहिक सुरक्षा प्रयास है।
जानलेवा रफ्तार और लगातार हादसों से सहमे थे रहवासी
पहंदा रोड स्थित इस मुख्य मार्ग पर दोपहिया और चारपहिया वाहन बेकाबू रफ्तार से गुजरते हैं। मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने होने के कारण कॉलोनी के भीतर से बाहर निकलने वाले लोगों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए हर पल गंभीर खतरे की स्थिति बनी रहती थी। आए दिन होने वाली छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं ने जब चिंता बढ़ाई, तो नागरिकों ने मूकदर्शक बने रहने के बजाय जनहित में खुद यह सुरक्षा कवच तैयार किया।
PWD से सुरक्षा उपायों को स्थायी रूप देने की अपील
निवासियों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) दुर्ग को एक औपचारिक पत्र लिखकर अपनी मंशा स्पष्ट की है। उन्होंने विभाग से आग्रह किया है कि:
* ब्रेकर को यथावत रखा जाए: सुरक्षा कारणों से बनाए गए इस ब्रेकर को हटाया न जाए, ताकि वाहनों की गति नियंत्रित रहे।
* चेतावनी संकेतक लगाए जाएं: मार्ग पर ‘दुर्घटना संभावित क्षेत्र’ (Accident Prone Area), गति सीमा और अन्य जरूरी चेतावनी बोर्ड स्थापित किए जाएं।
* तकनीकी व नियमानुसार सुरक्षा: विभाग खुद स्थल का निरीक्षण कर मानकों के अनुसार स्थायी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करे।
समाज के लिए क्यों है यह एक सीख?
अक्सर देखा जाता है कि लोग समस्याओं को देखकर नजरअंदाज कर देते हैं या केवल शिकायत करके जिम्मेदारी पूरी मान लेते हैं। लेकिन इस पहल ने यह सिखाया है कि:
* नागरिक जिम्मेदारी का बोध: अपनी और दूसरों की जिंदगी की हिफाजत के लिए जागरूक होकर पहल करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
* सकारात्मक संवाद: नागरिकों ने नियम तोड़ने के बजाय अपनी जरूरत को जिम्मेदाराना ढंग से प्रशासन के समक्ष रखा है।
* दुर्घटना रोकथाम पहली प्राथमिकता: जनहानि होने का इंतजार करने से बेहतर है कि समय रहते एहतियाती कदम उठाए जाएं।
स्थानीय नागरिकों का यह जागरूक कदम दर्शाता है कि जब समाज और प्रशासन मिलकर सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील होंगे, तभी सड़कों पर होने वाली असमय मौतों और दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

