नई दिल्ली: Cyclone ARNAB: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली लगातार प्रभाव दिखा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके 23 सितंबर की रात तक उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट को पार करने की संभावना है।
फिलहाल इसे चक्रवाती तूफान ‘ARNAB’ नहीं कहा जा रहा है। किसी सिस्टम के चक्रवाती तूफान में बदलने के लिए उसकी अधिकतम लगातार हवा की गति निर्धारित सीमा तक पहुंचना जरूरी होता है। इसलिए अभी ‘ARNAB’ नाम की संभावना को मौसम प्रणाली के आगे के विकास पर निर्भर माना जाना चाहिए।
IMD का ताजा अपडेट क्या है?
IMD के अनुसार, डीप डिप्रेशन 22 सितंबर की रात पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में केंद्रित था। यह करीब 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा में बढ़ रहा था। सिस्टम कलिंगपट्टनम से करीब 100 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, गोपालपुर से 150 किलोमीटर दक्षिण और विशाखापत्तनम से करीब 180 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में था।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के आसपास से उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को डीप डिप्रेशन के रूप में पार कर सकता है।
क्या डीप डिप्रेशन चक्रवात ‘ARNAB’ बनेगा?
इस समय इसे सीधे चक्रवात ‘ARNAB’ कहना सही नहीं होगा। मौसम प्रणाली की तीव्रता लगातार निगरानी में है। IMD के बुलेटिन में फिलहाल इसके डीप डिप्रेशन के रूप में तट पार करने का पूर्वानुमान दिया गया है।
मौसम विज्ञान में सामान्य तौर पर 63 किमी प्रति घंटे या उससे अधिक की अधिकतम लगातार हवा की गति पर सिस्टम को चक्रवाती तूफान की श्रेणी में रखा जाता है। इसलिए केवल डीप डिप्रेशन बनने से यह जरूरी नहीं कि वह चक्रवात में बदल ही जाए।
ओडिशा में भारी बारिश और तेज हवाओं का असर
ओडिशा इस मौसम प्रणाली से प्रभावित प्रमुख राज्यों में है। IMD के तटीय बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण ओडिशा तट पर 30-35 नॉट की हवाएं चलने और 45 नॉट तक झोंके पहुंचने की संभावना जताई गई थी। कई स्थानों पर बारिश और गरज के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई। समुद्र की स्थिति बहुत खराब से बेहद खराब रहने की आशंका जताई गई थी।
भारी बारिश को देखते हुए राज्य के कई जिलों में प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने तथा राहत और बचाव व्यवस्था को तैयार रखने जैसे कदम उठाए गए हैं।
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आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी खतरा
आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय हिस्सों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। IMD के मुताबिक उत्तर आंध्र तट पर 25-30 नॉट की तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 40 नॉट तक पहुंच सकते हैं। इस दौरान कई स्थानों पर बारिश और कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
कलिंगपट्टनम, भीमुनिपट्टनम, विशाखापत्तनम, गंगावरम और काकीनाडा बंदरगाहों पर सावधानी संबंधी चेतावनी जारी की गई है।
किन राज्यों पर पड़ सकता है असर?
इस मौसम प्रणाली का सीधा प्रभाव मुख्य रूप से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों पर पड़ने की संभावना है। इसके अलावा भारी बारिश का असर आसपास के कुछ राज्यों में भी देखने को मिल सकता है। पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने की संभावना मौसम संबंधी रिपोर्टों में बताई गई है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन और IMD की ताजा सलाह का पालन करना चाहिए। तेज हवाओं के दौरान समुद्र, नदियों, पेड़ों, कमजोर इमारतों और बड़े होर्डिंग्स से दूरी बनाए रखना जरूरी है। मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

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