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कस्टम मिलिंग घोटाले में ED की जांच तेज, 350 पन्नों के दस्तावेज खंगाल रही एजेंसी

ED रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित कस्टम मिलिंग घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब प्रोत्साहन राशि बढ़ाने से जुड़े फैसलों की पड़ताल तेज कर दी है। जांच एजेंसी को राज्य सरकार की ओर से करीब 350 पन्नों के दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें सरकारी नोटशीट, बैठकों की कार्यवाही, विभागीय पत्राचार और राइस मिलर्स एसोसिएशन की ओर से दिए गए आवेदन शामिल बताए जा रहे हैं। ईडी इन दस्तावेजों के आधार पर फैसले की प्रक्रिया और उससे जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।

प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के फैसले पर फोकस

ईडी की जांच का मुख्य फोकस कस्टम मिलिंग के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी से जुड़े फैसले पर बताया जा रहा है। एजेंसी यह समझने का प्रयास कर रही है कि प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का प्रस्ताव किस स्तर से सामने आया, उस पर किन अधिकारियों और विभागों ने विचार किया और अंतिम निर्णय किस प्रक्रिया के तहत लिया गया।

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दस्तावेजों में प्रस्ताव से लेकर मंजूरी तक की प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड शामिल होने की बात कही जा रही है।

350 पन्नों में क्या-क्या दस्तावेज?

राज्य सरकार की ओर से जांच एजेंसी को सौंपे गए दस्तावेजों में कई तरह के रिकॉर्ड शामिल हैं। इनमें संबंधित विभागों की नोटशीट, बैठकों के रिकॉर्ड, आधिकारिक पत्राचार और राइस मिलर्स एसोसिएशन के आवेदन बताए जा रहे हैं।

ईडी इन रिकॉर्ड को आपस में मिलाकर यह देखने की कोशिश कर रही है कि प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का निर्णय किस आधार पर लिया गया था। साथ ही, इस पूरी प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और संबंधित पक्षों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

पुराने रिकॉर्ड से जोड़े जा रहे हैं तार

जांच एजेंसी दस्तावेजों में दर्ज तारीखों, प्रस्तावों और निर्णयों का मिलान पहले से उपलब्ध रिकॉर्ड के साथ कर रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कस्टम मिलिंग व्यवस्था में किए गए बदलावों का वित्तीय प्रभाव क्या रहा और संबंधित फैसलों से किन लोगों या संस्थाओं को लाभ मिला।

हालांकि, दस्तावेजों की जांच अभी प्रक्रिया में है और इनके आधार पर किसी व्यक्ति या संस्था की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

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